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सपा ने गांधी-शास्त्री जयंती पर आयोजित की गोष्ठी

जौनपुर में समाजवादी पार्टी की जिला इकाई ने गांधी और शास्त्री जयंती पर गोष्ठी आयोजित की। जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य ने दोनों महापुरुषों के विचारों को सार्वजनिक जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
Homeदेशएक बार फिर आमने सामने उद्धव और शिंदे

एक बार फिर आमने सामने उद्धव और शिंदे

महाराष्ट्र में एक बार फिर उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट आमने सामने आ गए हैं. इस बार पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और शिंदे गुट की ओर से राज्य सरकार में मंत्री दीपक केसरकर के बीच महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरे के चेम्बर में टकराव हो गया.

सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र विधानपरिषद की उपसभापति नीलम गोरे के चेम्बर में उद्धव ठाकरे ने मंत्री दीपक केसरकर से कई सवाल किए. उन्होंने केसरकर से पूछा कि हमने आपका क्या बिगाड़ा है? आप लोगों को क्या कुछ नहीं दिया. इसके बाद भी आप लोग हमारे ख़िलाफ जांच करा रहे हैं. हमारे ऑफिस कब्जे में ले रहे हैं.”  इस पर दीपक केसरकर बिना कोई जवाब दिए ही निकल गए. 

‘चुरा और हथिया रहे हैं’

पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनमें कुछ भी बनाने का साहस नहीं होता है, वह ‘‘चुराने और हथियाने’’ का सहारा लेते हैं.  महाराष्ट्र विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए ठाकरे ने कहा कि सरकार ने 52,000 करोड़ रुपये की उन पूरक मांगों पर अब तक कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं है, जो विदर्भ के लिए प्रोत्साहन और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए है. शिवसेना के उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाले विरोधी धड़े बुधवार शाम(28 दिसंबर) को दक्षिण मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में पार्टी के कार्यालय में आपस में भिड़ गए. इसके बाद परिसर में एक घंटे तक तनाव रहा और पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति नियंत्रण में की यह टकराव तब हुआ जब उत्तर मध्य मुंबई से सांसद राहुल शेवाले, स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष यशवंत जाधव और पूर्व पार्षद शीतल म्हात्रे ने शाम करीब पांच बजे पार्टी ऑफिस में प्रवेश किया. ये सभी शिंदे की अगुवाई वाली बालासाहेबांची शिवसेना के सदस्य हैं. इसके बाद बीएमसी ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए सभी पार्टियों के कार्यालयों को सील कर दिया. बता दें कि बीएमसी मुख्यालय में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यालय हैं.