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E-Paper 19-08-2026

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Homeअंतर्राष्ट्रीयतालिबान ने लड़कियों को उच्च शिक्षा लेने पर लगा दी रोक

तालिबान ने लड़कियों को उच्च शिक्षा लेने पर लगा दी रोक

तालिबान ने लड़कियों को उच्च शिक्षा लेने पर रोक लगा दी है. इसके खिलाफ देश में कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं. तालिबान के कॉलेज जा रहे लड़कों ने अपनी क्लासों का भी बहिष्कार किया है. तालिबान के शिक्षा मंत्री निदा मोहम्मद नदीम ने अफगानिस्तान के एक टीवी चैनल से इंटरव्यू में कहा है कि लड़कियों का पढ़ाई करना इस्लाम और अफगान मूल्यों के खिलाफ है. हाल ही में एक सभा में उन्होंने कहा था कि एक तालिबान लड़ाकों की योग्यता इससे नहीं मापी जानी चाहिए कि वो कितना पढ़ा-लिखा है, बल्कि इससे मापना चाहिए कि उसने कितने बम गिराए हैं. 

20 साल पीछे गया तालिबान

तालिबान के इस फैसले ने अफगानिस्तान को करीब 20 साल पीछे कर दिया है. तालिबान के इस फैसले की निंदा विश्व स्तर पर हो रही है. मुस्लिम देश भी इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं. हालांकि शिक्षा मंत्री निदा मोहम्मद नदीम ने साफ कर दिया है कि तालिबान इस फैसले को वापस नहीं लेगा. उन्होंने कहा, ‘भले ही एटम बम गिरा दो, लेकिन तालिबान इस फैसले को लागू करके रखेगा.’

कौन है निदा मोहम्मद नदीम

निदा तालिबान के मिलिट्री का कमांडर भी रह चुका है. उसकी पढ़ाई लिखाई ज्यादा नहीं हुई है. 2001 में जब अमेरिका ने तालिबान को सत्ता से भगा  दिया था और शिक्षा नीति में  सुधार किए थे तो नदीम ने इसका खुलेआम विरोध किया था. इसके बाद उसने कई  मदरसे खोले थे. इसके बाद वह तालिबान से जुड़ गया था. नदीम को तालिबान के सुप्रीम लीडर हैबतुल्ला अखुंदजादा का खास माना जाता है. पिछले साल जब तालिबान सत्ता में वापस लौटा तो नदीम को नंगरहार क्षेत्र का गवर्नर बनाया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नांगरहार प्रांत का गवर्नर बनने के बाद नदीम ने तालिबान लड़ाकों को लोगों की हत्या करने का आदेश भी दिया था. नदीम का आदेश था कि जो कोई भी तालिबान का विरोध करे, उसे मार डालो.