शासन की ओर से जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि डॉ. नितिन प्रियदर्शी गरीब बंदियों की परेशानी पर ध्यान नहीं देते थे. उनके खिलाफ उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन नहीं करने और ड्यूटी से अक्सर बिना बताए अनुपस्थित रहने की शिकायतें भी शासन के पास पहुंची हैं. उनके खिलाफ जांच चल रही थी.
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राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु
जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
पैसा लेकर बंदियों की जांच करने वाले डॉक्टर को शासन ने किया निलंबित

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