Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
Homeअपना जौनपुर‘क्रांति का बिगुल’ में जीवंत हुई 1857 के संग्राम की वीरगाथा

‘क्रांति का बिगुल’ में जीवंत हुई 1857 के संग्राम की वीरगाथा

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन विमला सिंह सम्मानित, कलाकारों ने प्रस्तुत किए संघर्ष और बलिदान के प्रसंग

जौनपुर। कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में सोमवार को ऐतिहासिक नाटक ‘क्रांति का बिगुल’ का मंचन किया गया। संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, भारतेन्दु नाट्य अकादमी और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से दर्शकों को स्वतंत्रता सेनानियों के साहस, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पीयूष गुप्ता और मुख्य विकास अधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन विमला सिंह को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।

नाटक में कलाकारों ने अभिनय के जरिए स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को मंच पर साकार किया। प्रस्तुति में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और आजादी के लिए किए गए संघर्ष को प्रमुखता से दर्शाया गया। कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को 1857 के संग्राम की घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से जोड़ने का प्रयास किया।

नाटक का निर्देशन रंगकर्मी गुंजन शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर, जिला सूचना अधिकारी मनोकामना राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट और अन्य गणमान्य लोगों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से ऐतिहासिक घटनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। ‘क्रांति का बिगुल’ का मंचन इसी उद्देश्य से दर्शकों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जोड़ने वाली प्रस्तुति के रूप में सामने आया।