ओलंदगंज से चहारसू और नईगंज से पचहटिया तक वाहनों की लंबी कतारें, अतिक्रमण और बेतरतीब पार्किंग ने बढ़ाई परेशानी
जौनपुर। त्योहार की खरीदारी के लिए बाजारों में उमड़ी भीड़ ने सोमवार को शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। सुबह से शुरू हुआ जाम का सिलसिला शाम तक बना रहा। प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों को एक किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लगा। मुख्य सड़कों पर रास्ता नहीं मिलने पर लोगों ने गलियों का रुख किया, लेकिन वहां भी वाहनों की भीड़ के चलते राहत नहीं मिल सकी।
ओलंदगंज से चहारसू की ओर सुबह से ही वाहनों का दबाव बढ़ने लगा। धीरे-धीरे जाम ने शहर के अन्य हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले लिया। नईगंज तिराहे से पॉलीटेक्निक चौराहा, वाजिदपुर तिराहा और जेसीज चौराहे होते हुए पचहटिया तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। जेसीज चौराहे से ओलंदगंज, चहारसू, कोतवाली, सुक्खीपुर और कुत्तूपुर की ओर भी यातायात की रफ्तार धीमी रही।
बाजारों में खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों के वाहनों से सड़कों पर दबाव बढ़ गया। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक जाम से निकलने के लिए रास्ता तलाशते रहे। कुछ स्थानों पर यातायात थोड़ी देर के लिए सामान्य हुआ, लेकिन वाहनों का दबाव बढ़ते ही फिर कतारें लग गईं।
अतिक्रमण और पार्किंग से संकरे हुए रास्ते
शहर में जाम की समस्या को बढ़ाने वाले कारणों में वाहनों की भीड़ के साथ सड़क किनारे अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग भी शामिल रहे। ओलंदगंज, जेसीज चौराहे और चहारसू जैसे व्यस्त इलाकों में दुकानों के सामने सामान रखे जाने तथा वाहनों की पार्किंग से आवागमन के लिए उपलब्ध जगह सीमित हो जाती है।
शाही पुल से कसेरी बाजार, चहारसू और हरलालका रोड पर सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण भी रास्ता संकरा होने की समस्या सामने आती है। ओलंदगंज से जेसीज चौराहे के बीच चारपहिया वाहनों की पार्किंग से यातायात प्रभावित होने की बात भी सामने आई। व्यस्त बाजारों में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से खरीदारी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है।
पुलिस की मशक्कत, फिर भी नहीं मिली स्थायी राहत
यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी सड़कों पर तैनात होकर वाहनों को निकलवाने में जुटे रहे। इसके बावजूद वाहनों का अत्यधिक दबाव और सीमित सड़क स्थान जाम से राहत दिलाने में बाधा बने। भीड़भाड़ के बीच बड़े वाहनों की आवाजाही ने भी स्थिति को कठिन बनाया।
त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात प्रबंधन की ठोस व्यवस्था जरूरी है। प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त निगरानी, सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग पर कार्रवाई, अतिक्रमण की रोकथाम और बड़े वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने जैसे कदम उठाए जाने की जरूरत है।
स्थानीय बाजारों में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को जाम से राहत दिलाने के लिए पार्किंग के उचित इंतजाम और यातायात संचालन की स्पष्ट योजना भी मददगार हो सकती है। यदि इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो त्योहारों के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर लोगों को बार-बार इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


