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जौनपुर में तूफान का तांडव: इकलौते बेटे की मौत, भैंस मरी, सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिरे

जौनपुर। जौनपुर चक्रवाती तूफान ने मंगलवार रात सरायख्वाजा थाना क्षेत्र समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी और चक्रवाती हवाओं के कारण एक मकान ढह गया, जिसमें दबकर 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। वहीं एक अन्य घटना में पेड़ गिरने से भैंस की जान चली गई। इसके अलावा सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।

मकान गिरने से किशोर की दर्दनाक मौत

सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के कौड़िया मुंडेला गांव निवासी कमलेश यादव का 17 वर्षीय पुत्र किशन यादव मंगलवार रात अपने घर में सो रहा था। इसी दौरान तेज आंधी-तूफान के कारण मकान का हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और किशोर मलबे में दब गया।

परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। किशन परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

पेड़ गिरने से भैंस की मौत, किसान को लाखों का नुकसान

लपरी गांव निवासी रामसुंदर यादव की भैंस घर के बाहर पेड़ के नीचे बंधी थी। तेज हवाओं के चलते पेड़ जड़ समेत उखड़कर भैंस पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार मृत भैंस की कीमत करीब एक लाख रुपये थी। पशुपालन से जुड़े किसान को इस घटना से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग को सूचना देकर मुआवजे की मांग की गई है।

सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिरे

जौनपुर चक्रवाती तूफान का सबसे अधिक असर सरायख्वाजा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ जड़ समेत उखड़ गए और कई बिजली के खंभे धराशायी हो गए।

कोइरीडीहा, प्रसाद का पूरा, मेहरवां, कयार, जमुहाई सहित दो दर्जन से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। बुधवार शाम तक कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।

20 घंटे तक बाधित रहा आवागमन

तूफान के कारण जौनपुर-आजमगढ़ मार्ग पर कयार स्थित शारदा सहायक नहर पुल के पास कई बड़े पेड़ सड़क पर गिर गए। इससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

करीब 20 घंटे की मशक्कत के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से सड़क से पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल कराया जा सका। कई वाहन चालकों को चार किलोमीटर लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ा।

राहत और सर्वे की मांग

तूफान से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। बिजली विभाग क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत में जुटा हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिल सके।

जौनपुर चक्रवाती तूफान ने छोड़े कई सवाल

इस भीषण चक्रवाती तूफान ने एक बार फिर जर्जर मकानों, कमजोर विद्युत ढांचे और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक परिवार ने अपना इकलौता बेटा खो दिया, जबकि कई परिवारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

जौनपुर चक्रवाती तूफान की यह त्रासदी लंबे समय तक लोगों के जेहन में बनी रहेगी।