जौनपुर। भीषण गर्मी के बीच दीवानी न्यायालय और कलेक्ट्रेट परिसर में पेयजल व्यवस्था बदहाल हो गई है। परिसर में लगाए गए अधिकांश वाटर कूलर बंद पड़े हैं, जिससे वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
हालत यह है कि कई लोग मजबूरी में पानी खरीदकर पी रहे हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर लोग इधर-उधर भटकने को विवश हैं। दीवानी न्यायालय परिसर में सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्मी से राहत दिलाने के उद्देश्य से कई वाटर कूलर लगाए गए थे, लेकिन अधिकांश मशीनें खराब पड़ी हैं।
कहीं पानी नहीं आ रहा तो कहीं तकनीकी खराबी के कारण महीनों से ताले लटके हुए हैं। इसी प्रकार कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पत्रकार भवन के पास पूर्व सांसद श्याम सिंह यादव द्वारा लगाए गए वाटर कूलर की टोटियां चोरी हो गई थीं।
बाद में प्लास्टिक की टोटियां लगाकर मशीन को चालू कराया गया, लेकिन सफाई के अभाव में लोग उसका पानी पीने से बच रहे हैं। आरोप है कि पानी की टंकियों की लंबे समय से सफाई नहीं कराई गई, जिससे उनमें गंदगी और कीड़े दिखाई दे रहे हैं। अधिवक्ताओं और वादकारियों का कहना है कि दूर-दराज से आने वाले लोग घंटों न्यायालय और कलेक्ट्रेट परिसर में रहते हैं, लेकिन उन्हें शुद्ध पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी में दूषित पानी पीने से डायरिया, उल्टी और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अधिवक्ताओं और नागरिकों ने जिला प्रशासन से सभी वाटर कूलरों को तत्काल दुरुस्त कराने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।



