Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

जंतर-मंतर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग, राष्ट्रपति और मानवाधिकार आयोग को भेजा ज्ञापन

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर घायलों को न्याय और सहायता दिलाने की मांग की।
Homeअपना जौनपुरजमीन पर अवैध कब्जे के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, बड़े आंदोलन...

जमीन पर अवैध कब्जे के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, बड़े आंदोलन की चेतावनी

जौनपुर। एक अधिवक्ता की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में दीवानी न्यायालय एवं कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ से जुड़े अधिवक्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के चलते कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि एक अधिवक्ता की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर दीवानी न्यायालय और कलेक्ट्रेट के अधिवक्ता एकजुट होकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए और प्रशासन से कब्जा हटवाने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

सूचना पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद अधिवक्ताओं के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और पूरे मामले से अवगत कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग रखी। जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।

प्रशासन के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष घनश्याम सिंह, महामंत्री मनोज तिवारी समेत दीवानी न्यायालय एवं कलेक्ट्रेट के सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।