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जौनपुर में जन्माष्टमी का उत्सव, मंदिरों से पुलिस लाइन और जिला जेल तक विशेष आयोजन

जौनपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिलेभर में उत्साह रहा। मंदिरों, पुलिस लाइन और जिला जेल में विशेष आयोजन हुए, जबकि बाजारों में लड्डू गोपाल की पोशाक और श्रृंगार सामग्री की मांग बढ़ी।
Homeअपना जौनपुरअधिकारियों के आश्वासन पर जज सिंह अन्ना का अनशन समाप्त

अधिकारियों के आश्वासन पर जज सिंह अन्ना का अनशन समाप्त

भूमि विवाद में निष्पक्ष पैमाइश की मांग, तहसीलदार की टीम तीसरी बार करेगी मौके पर जांच

जौनपुर। सदर तहसील क्षेत्र के राजेपुर द्वितीय त्रिमुहानी निवासी नरेंद्र बहादुर सिंह की जमीन की पैमाइश और न्याय की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने चल रहा जज सिंह अन्ना का अनशन अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। अन्ना ने नरेंद्र बहादुर सिंह के समर्थन में अन्न-जल त्यागकर अनशन शुरू किया था।

33.7 एयर भूमि को लेकर विवाद

बताया गया कि नरेंद्र बहादुर सिंह और हरिश्चंद्र-रामचंद्र के बीच गाटा/जनसंख्या संख्या 1245/1243 में दर्ज 33.7 एयर भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। नरेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि उन्होंने बैनामे के माध्यम से जमीन खरीदी है, लेकिन मौके पर अपेक्षित भूमि की पैमाइश और समायोजन नहीं हो पा रहा है। उनका आरोप है कि अब तक की कार्रवाई से उन्हें न्याय नहीं मिला।

तबीयत बिगड़ने पर अधिकारियों ने किया हस्तक्षेप

अनशन के चौथे दिन जज सिंह अन्ना की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर, उल्टी और कमजोरी की शिकायत हुई। इसके बाद अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप किया।

एसडीएम सदर योगिता सिंह के आश्वासन पर सिटी मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में अनशन समाप्त कराया गया। एसडीएम सदर ने आश्वासन दिया कि नरेंद्र बहादुर सिंह को न्याय दिलाने के लिए नियमानुसार हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

तीसरी बार होगी जमीन की पैमाइश

अधिकारियों के अनुसार 33.7 एयर भूमि के समायोजन और पैमाइश के मामले को राजस्व अभिलेखों एवं मौके की स्थिति के आधार पर देखा जाएगा। तहसीलदार की टीम तीसरी बार मौके पर जाकर जमीन की पैमाइश करेगी। इसके बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

निष्पक्ष जांच और उचित निर्णय की मांग

अनशन समाप्त होने के बाद जज सिंह अन्ना ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कराना नहीं, बल्कि नरेंद्र बहादुर सिंह को निष्पक्ष पैमाइश और न्याय दिलाना है।

उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति के आधार पर उचित निर्णय लेने की मांग की।