जौनपुर। नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल में हुए प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की घटना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठन की ओर से राष्ट्रपति, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन भेजकर मामले की स्वतंत्र जांच कराने तथा घायलों को न्याय और उचित सहायता दिलाने की मांग की गई है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पटेल के निर्देश पर प्रदेश सचिव विनय जायसवाल ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं के अनुसार घटना में एक 12 वर्षीय बालिका समेत कई लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। यदि प्रदर्शन के दौरान अनुचित बल प्रयोग या मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी बात रखने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है। राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पटेल ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि पूरे मामले के तथ्यों को सामने लाकर पीड़ितों को न्याय दिलाना है। संगठन ने न्यायिक अथवा स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में राज जायसवाल, मनीष सिंह, रवीश यादव, मोतीलाल सोनी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


