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जौनपुर में विश्व मच्छर दिवस पर जागरूकता अभियान, मलेरिया-डेंगू से बचाव की दी जानकारी

जौनपुर। विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर गुरुवार को जिला मलेरिया एवं फाइलेरिया विभाग की टीम ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छर निरोधात्मक गतिविधियां चलाकर लोगों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और फाइलेरिया समेत मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया।

इस दौरान पोस्टर-पैम्फलेट वितरित किए गए। मच्छरों के प्रजनन स्रोतों का सर्वे और सोर्स रिडक्शन कराया गया तथा एंटी लार्वा रसायन का छिड़काव किया गया।

विभिन्न क्षेत्रों में चलाया गया जागरूकता अभियान

नगरीय क्षेत्र के मतापुर में सहायक मलेरिया अधिकारी अशोक कुमार और फाइलेरिया निरीक्षक अभिषेक सोनकर के नेतृत्व में टीम ने लोगों को जागरूक किया।

वार्ड मियापुर में मलेरिया निरीक्षक चंद्रेश कुमार पटेल के नेतृत्व में तथा ग्राम पतहना में पर्यवेक्षक इंद्रजीत सिंह, शिव शंकर वर्मा और क्षेत्रीय आशा की मौजूदगी में जागरूकता एवं निरोधात्मक गतिविधियां संचालित की गईं।

मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव की जानकारी

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें ठंड लगकर बुखार आना, खून की कमी और प्लीहा बढ़ने जैसे लक्षण हो सकते हैं।

डेंगू और चिकनगुनिया मादा एडीज मच्छर से फैलते हैं। इनमें बुखार के साथ हड्डियों और जोड़ों में दर्द हो सकता है। समय पर जांच और उपचार न होने पर डेंगू में रक्तस्राव और प्लेटलेट्स में कमी जैसी गंभीर स्थिति हो सकती है।

फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर से फैलता है। इसमें हाथ-पैर, स्तन और अंडकोष में सूजन हो सकती है। वहीं दिमागी बुखार में तेज बुखार, दिमागी कमजोरी और झटके जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

जलभराव रोकने और साफ-सफाई रखने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर के अंदर और आसपास साफ-सफाई रखने, जलभराव न होने देने और नालियों में कूड़ा न डालने की अपील की।

कूलर, गमले, फ्रिज की ट्रे और अन्य स्थानों पर जमा पानी को सप्ताह में कम से कम एक बार बदलने तथा पानी की टंकियों को ढककर रखने की सलाह दी गई।

लोगों से पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।

बुखार होने पर जांच कराने की सलाह

विभाग ने अपील की कि बुखार होने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और उपचार कराया जाए।

विभाग के अनुसार इन बीमारियों की जांच और उपचार के लिए आवश्यक दवाएं व जांच किट सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध हैं।