जौनपुर। एआरटीओ कार्यालय में वाहनों के पंजीकरण के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप के बाद शनिवार को वाराणसी परिक्षेत्र के उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह ने औचक निरीक्षण कर मामले की जांच की। करीब दो घंटे चली जांच के बाद रजिस्ट्रेशन पटल पर तैनात बाबू गणेशदत्त को तत्काल प्रभाव से पटल से हटा दिया गया। अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
पांच ट्रेलरों के पंजीकरण के लिए 50 हजार रुपये मांगने का आरोप
मामला शुक्रवार को सामने आया था। मड़ियाहूं क्षेत्र के वाहन कारोबारी विनय सिंह ने पांच नए ट्रेलर वाहनों के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। वाहन स्वामी का आरोप है कि रजिस्ट्रेशन पटल पर तैनात बाबू ने प्रति वाहन 10 हजार रुपये के हिसाब से कुल 50 हजार रुपये की मांग की। आरोप के मुताबिक, सुविधा शुल्क देने से इनकार करने पर उनकी फाइलों को आगे नहीं बढ़ाया गया।
इसके विरोध में वाहन स्वामी ने शुक्रवार को अपने पांचों ट्रेलर एआरटीओ कार्यालय के मुख्य गेट के सामने खड़े कर दिए थे। इससे करीब डेढ़ घंटे तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस और एआरटीओ प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद जाम समाप्त हुआ था।
फाइलों और ऑनलाइन रिकॉर्ड की हुई जांच
शनिवार को उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह जांच के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता और एआरटीओ प्रशासन की मौजूदगी में संबंधित कर्मचारी से पूछताछ की। इस दौरान वाहनों के पंजीकरण से जुड़ी फाइलों के साथ ऑनलाइन रिकॉर्ड और लॉग की भी जांच की गई।
जांच के बाद उप परिवहन आयुक्त ने कहा कि विभाग में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया अनियमितता और लापरवाही पाए जाने पर गणेशदत्त को रजिस्ट्रेशन पटल से हटा दिया गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
वहीं, वाहन स्वामी विनय सिंह ने कहा कि यदि मामले में कठोर कार्रवाई नहीं हुई और उनके वाहनों का पंजीकरण बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नहीं किया गया तो वह परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करेंगे।
- एआरटीओ कार्यालय में रिश्वत के आरोप पर जांच, बाबू पटल से हटे
एआरटीओ कार्यालय में वाहनों के पंजीकरण के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप के बाद शनिवार को वाराणसी परिक्षेत्र के उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह ने औचक जांच की। करीब दो घंटे तक चली जांच में पंजीकरण से संबंधित फाइलों और ऑनलाइन लॉग की पड़ताल की गई। इसके बाद रजिस्ट्रेशन पटल पर तैनात बाबू गणेशदत्त को पटल से हटा दिया गया। मामला शुक्रवार को उस समय सामने आया था, जब मड़ियाहूं क्षेत्र के वाहन कारोबारी विनय सिंह ने पांच नए ट्रेलर वाहनों के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। वाहन स्वामी ने बाबू पर प्रति वाहन 10 हजार रुपये के हिसाब से कुल 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। विरोध में उन्होंने पांचों ट्रेलर एआरटीओ कार्यालय के गेट के सामने खड़े कर दिए थे, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। उप परिवहन आयुक्त भीमसेन सिंह ने कहा कि प्रथमदृष्टया अनियमितता और लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारी को पटल से हटाया गया है। मामले की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।


