मंदिरों में सजीं झांकियां, बाजारों में बढ़ी खरीदारी, ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
जौनपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। चार सितंबर को मनाए जाने वाले पर्व के लिए मंदिरों, सार्वजनिक पंडालों और पुलिस परिसरों में सजावट व झांकियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाजारों में भी लड्डू गोपाल की मूर्तियों, वस्त्र, मुकुट और बांसुरी की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ बढ़ गई है। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी है।
मैहर मंदिर में विशेष झांकी बनेगी
मैहर मंदिर में पिछले 35 वर्षों से जन्माष्टमी मनाई जा रही है। इस बार भगवान कृष्ण और राधा रानी के लिए नई पोशाकें तैयार कराई जा रही हैं। मंदिर परिसर में कृत्रिम पहाड़ और गुफा बनाई जा रही है, जिसे विद्युत झालरों से सजाया जाएगा।
यहां ‘कालिया नाग के फन पर खड़े कृष्ण’ की प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। मंदिर प्रबंधन के अनुसार करीब चार हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं को चरणामृत और रामदाना का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
गांवों में भी तैयार किए जा रहे पंडाल
डमरुआ क्षेत्र के शेरवा बाजार स्थित मरी माता मंदिर में ग्रामीणों के सहयोग से पंडाल तैयार किया जा रहा है। वहीं केराकत क्षेत्र के शिवरामपुर कला गांव में युवाओं और बुजुर्गों के सहयोग से पंडाल तैयार किया गया है।
यहां विद्युत सजावट के साथ भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की झांकी सजाई जा रही है। जन्माष्टमी को लेकर स्थानीय स्तर पर भी तैयारियां अंतिम दौर में हैं।
पुलिस परिसरों में भी सजे मंदिर
जन्माष्टमी को लेकर पुलिस थानों और पुलिस लाइंस में भी तैयारियां की जा रही हैं। सुजानगंज थाना परिसर स्थित मंदिर को झूमर और झालरों से सजाया गया है। पुलिसकर्मी स्वयं सफाई और सजावट में जुटे हैं।
खुटहन थाना परिसर में भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया है। बक्शा थाना परिसर स्थित थानेश्वर महादेव मंदिर को सजाया गया है। थाना प्रभारी के अनुसार शुक्रवार रात से भजन-कीर्तन का आयोजन शुरू होगा।
पुलिस लाइंस में भी हर वर्ष की तरह सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकी की तैयारी की जा रही है।
ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
पर्व के दौरान भीड़भाड़ वाले मंदिरों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। प्रशासन के अनुसार संवेदनशील एवं भीड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग और यातायात पुलिस को भी अलर्ट रखा गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की आपातकालीन ड्यूटी लगाने की व्यवस्था की गई है।


