91 चकबंदी प्रक्रियाधीन गांवों की समीक्षा, पांच साल से पुराने वाद प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश
जौनपुर। जिले के 43 गांवों में 10 वर्ष से अधिक समय से चकबंदी प्रक्रिया लंबित है। जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने इन गांवों की चकबंदी प्रक्रिया को शासन की प्राथमिकता के अनुरूप जल्द और सुव्यवस्थित ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में चकबंदी प्रक्रिया वाले गांवों की प्रगति और चकबंदी न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण की मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले के 91 चकबंदी प्रक्रियाधीन गांवों की स्थिति की समीक्षा की गई।
10 साल से लंबित चकबंदी जल्द पूरी कराने के निर्देश
समीक्षा में सामने आया कि 91 प्रक्रियाधीन गांवों में से 43 गांव ऐसे हैं, जहां 10 वर्ष से अधिक समय से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन गांवों की चकबंदी प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लंबित चकबंदी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाते हुए निर्धारित समय में पूरा किया जाए।
पांच साल पुराने वाद प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने चकबंदी न्यायालयों में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा। जिन अधिकारियों द्वारा ऐसे पुराने वादों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं की गई है, उनसे स्पष्टीकरण लेने के निर्देश भी दिए गए।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता जांची जाएगी
बैठक में आईजीआरएस प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को अपने पोर्टल के साथ-साथ अधीनस्थ अधिकारियों के पोर्टल की रैंडम जांच करने के निर्देश दिए।
इसका उद्देश्य आईजीआरएस प्रार्थना-पत्रों के निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
बैठक में उप संचालक चकबंदी एवं अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) अजय कुमार अम्बष्ट, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी शैलेश कुमार सहित चकबंदी अधिकारी और सहायक चकबंदी अधिकारी मौजूद रहे।


