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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
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गले में रॉड घुसने से हो गई यात्री की मौत, रेलवे ने दिया 15 हजार का मुआवजा

अलीगढ़ के थाना गभाना क्षेत्र में डाबर सोमना रेलवे स्टेशन के बीच नीलांचल एक्सप्रेस से सफर कर रहे यात्री की मौत हो गई थी. यात्री की गर्दन में शीशा तोड़कर रॉड गर्दन के आरपार हो गई थी. इसके बाद यात्री ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था. इस मामले में रेलवे ने मृतक के परिजन को 15 हजार रुपए के मुआवजे की पेशकश की, जिसे मृतक के परिजन ने ठुकरा दिया है. परिजन का कहना है कि उन्हें 1 करोड़ की राशि और सरकारी नौकरी दी जाए.

नीलांचल एक्सप्रेस में हो गई थी यात्री की मौत.
मृतक के पिता संतराम दुबे.

मृतक के पिता संतराम दुबे ने कहा कि बीते दिन उनका पुत्र हरकेश दुबे दिल्ली से सुल्तानपुर नीलांचल एक्सप्रेस से जा रहा था, तभी डावर सोमना रेलवे स्टेशन के बीच लोहे की रॉड शीशा तोड़ते हुए ट्रेन में पहुंच गई और हरकेश की गर्दन के आरपार हो गई. इससे हरकेश की मौके पर ही मौत हो गई.

शव लेने अलीगढ़ पहुंचे परिजन, अफसरों से हुई नोकझोंक

घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची जीआरपी व आरपीएफ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और सूचना मृतक के परिजनों को दी थी. हादसे की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजन शनिवार को शव लेने अलीगढ़ पहुंचे. इस दौरान मृतक के परिजनों और रेलवे अधिकारियों के बीच मुआवजे की मांग को लेकर नोकझोंक व हंगामा हुआ.

 गले में राड घुसने से हुई मौत पर रेलवे ने दिया 15 हजार का मुआवजा, परिजन ने ठुकराया

संतराम दुबे ने कहा कि हरकेश के 2 छोटे बच्चे हैं. घर में कोई कमाने वाला भी नहीं है. हरकेश की मृत्यु पर पीड़ित परिवार ने रेलवे से 1 करोड़ रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की है, जबकि रेलवे ने पीड़ित परिवार को 15 हजार रुपए का मुआवजा देने की पेशकश की है. वहीं रेलवे विभाग द्वारा दिए जा रहे 15 हजार के मुआवजे को पीड़ित परिवार ने ठुकरा दिया है. परिजन का कहना है कि वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे.