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जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति बैठक में डीएम का जोर, बीईओ को रोज 5 स्कूलों के निरीक्षण के निर्देश

जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में डीएम सैमुअल पॉल एन. ने बीईओ को प्रतिदिन पांच विद्यालयों का निरीक्षण करने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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जहरीली हो रही राजधानी दिल्ली की हवा

देश की राजधानी दिल्ली की हवा जहरीली हो रही है और प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. इसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने रविवार (05 नवंबर) को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के चरण 4 को लागू कर दिया. इसके बाद दिल्ली में डीजल वाहनों पर रोक लगा दी गई है.

दिल्ली में अभी तक ग्रैप 3 लागू था लेकिन प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बाद ग्रैप 4 लागू करने का फैसला किया गया. डीजल वाहनों में सिर्फ उन वाहनों को छूट मिली है जो जरूरी सामान और आवश्यक सेवाएं देने वाले वाहन हैं. शहर में डीजल से चलने वाले मध्यम माल वाहनों (एमजीवी) और भारी माल वाहनों (एचजीवी) पर प्रतिबंध लगाया गया है. इससे पहले ग्रेप 3 वाले चरण में सीएक्यूएम ने 2 नवंबर से डीजल के बीएस-4 और सभी बीएस-3 निजी कारों पर प्रतिबंध लगा दिया था. दिल्ली परिवहन विभाग की ओर से जारी किए आदेश के मुताबिक, दिल्ली में ट्रक यातायात के लिए कोई प्रवेश नहीं होगा (आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले / आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले ट्रकों और सभी एलएनजी / सीएनजी या इलेक्ट्रिक ट्रकों को छोड़कर). जरूरी चीजों को ले जाने/आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वालों को छोड़कर, ईवी/सीएनजी/बीएस-VI डीजल के अलावा दिल्ली के बाहर पंजीकृत एलसीवी के लिए भी दिल्ली में प्रवेश की कोई अनुमति नहीं होगी. आदेश में कहा गया है कि आवश्यक वस्तुओं में कच्ची सब्जियां, फल, अनाज, दूध, अंडे, बर्फ और पेट्रोलियम उत्पाद शामिल हैं. इस बीच, टैक्सी चालकों के संघों ने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध व्यक्तिगत वाहनों के नियंत्रण में प्रदूषण (पीयूसी) की स्थिति को ध्यान में नहीं रखता है और इससे हजारों ड्राइवरों की आजीविका प्रभावित होगी. उन्होंने कहा कि अगर उनके पास वैध पीयूसी प्रमाणपत्र है तो कार संचालन बंद नहीं किया जाना चाहिए. दिल्ली में गेप की स्टेज 4 ने निर्माण गतिविधियों के प्रतिबंध के दायरे को भी बढ़ा दिया है. इसे निजी नागरिक निर्माणों पर मौजूदा प्रतिबंध से लेकर फ्लाईओवर, सड़कों और पुलों सहित सभी प्रमुख सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तक ले जाया गया है.