विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर दिया जागरूकता का संदेश
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के तहत तीन दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत मानव श्रृंखला के साथ हुई। व्यावहारिक मनोविज्ञान विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मुक्तांगन में मानव श्रृंखला बनाकर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता का संदेश दिया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हैं। शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के बावजूद यदि व्यक्ति मानसिक परेशानी से जूझ रहा है, तो इसका असर उसके समग्र स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। उन्होंने स्वस्थ जीवन के लिए मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य के समान महत्व देने पर जोर दिया।
सहायक आचार्य डॉ. अन्नू त्यागी ने विद्यार्थियों से अपनी भावनाओं और मानसिक समस्याओं पर खुलकर बात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से सहयोग लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की थीम ‘जीवन के अनुभवों को सुना जाए: वास्तविक आवाज, वास्तविक बदलाव’ को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस दौरान उज्मा खान, संजीव कुमार यादव, प्रीती सिंह, उमम अंसारी, शम्भूनाथ, संतोष और पंकज सिंह सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थी मौजूद रहे।


