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Homeअपना जौनपुरस्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एमबीबीएस इंटर्न्स का अनिश्चितकालीन धरना

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर एमबीबीएस इंटर्न्स का अनिश्चितकालीन धरना

12 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग, छह इंटर्न भूख हड़ताल पर

जौनपुर। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न्स ने लखनऊ में शनिवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इंटर्न डॉक्टरों की मांग है कि उनका स्टाइपेंड 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। आंदोलन में छह इंटर्न डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर इस संबंध में शासनादेश जारी नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री आवास के सामने भी भूख हड़ताल शुरू की जा सकती है।

कई वर्षों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉलेज के डॉ. देवेश गंगवार ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले कई वर्षों से शासन को ज्ञापन दिए जा रहे हैं। छात्रों के अनुसार, उन्हें कई बार स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन मिला, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि लगातार आश्वासन के बावजूद मांग पूरी नहीं होने से उनमें नाराजगी है।

इंटर्नशिप को बताया चिकित्सा प्रशिक्षण का अहम चरण

इंटर्न डॉक्टरों के अनुसार, एमबीबीएस की साढ़े चार वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक वर्ष की इंटर्नशिप चिकित्सा प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान इंटर्न डॉक्टर वार्ड, इमरजेंसी, नाइट ड्यूटी, मरीजों की निगरानी और विभिन्न चिकित्सकीय प्रक्रियाओं में सहयोग करते हैं।

छात्रों का कहना है कि कई बार उनकी ड्यूटी सामान्य कार्य अवधि से अधिक समय तक रहती है। ऐसे में मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त नहीं है।

30 हजार रुपये स्टाइपेंड की मांग

इंटर्न्स का कहना है कि स्टाइपेंड को 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। इससे वे मरीजों की बेहतर सेवा के साथ अपनी आगे की चिकित्सा शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

इंटर्न डॉक्टरों ने यह भी दावा किया कि कई अन्य राज्यों में एमबीबीएस इंटर्न्स को उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। इसी आधार पर वे उत्तर प्रदेश में भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

तीन दिन में शासनादेश जारी करने की मांग

आंदोलनरत इंटर्न डॉक्टरों ने शासन से तीन दिन के भीतर स्टाइपेंड बढ़ाने का शासनादेश जारी करने की मांग की है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।