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Homeअपना जौनपुरमछलीशहर तहसील सभागार में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित

मछलीशहर तहसील सभागार में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित

जौनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर सुशील कुमार शशि के निर्देशन तथा सचिव पूर्णकालिक सिविल जज (सीनियर डिवीजन) सुशील कुमार सिंह की देखरेख में मंगलवार को मछलीशहर तहसील सभागार में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं ‘बच्ची देवी बनाम राज्य’ प्रकरण के दिशा-निर्देशों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में सचिव सुशील कुमार सिंह, डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ. दिलीप कुमार सिंह, काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव, तहसीलदार रवि रंजन कश्यप, तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव, लेखपाल परमानंद मिश्रा, चंदन राय सहित अधिवक्तागण, पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सुशील कुमार सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत एवं उसके विभिन्न अंगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को कानून के तहत भरण-पोषण, विभिन्न योजनाओं में छूट एवं ब्याज दरों में रियायत जैसे कई अधिकार प्राप्त हैं।

उन्होंने ‘बच्ची देवी बनाम राज्य’ प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि चार्जशीट दाखिल होने तक गिरफ्तारी नहीं हुई है तो आरोपी को जमानत लेने का अधिकार प्राप्त होता है और उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। साथ ही जेल में बंद अभियुक्तों को जमानत की व्यवस्था के लिए 30 दिन का समय दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था भावना नहीं बल्कि तर्क एवं साक्ष्यों के आधार पर कार्य करती है। साथ ही विधिक प्रावधानों के दुरुपयोग से बचने की भी आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी वृद्ध व्यक्ति की संतान नहीं है तो उसकी संपत्ति के उत्तराधिकारी भी उसके भरण-पोषण के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं।

कार्यक्रम में काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों एवं ‘बच्ची देवी बनाम राज्य’ मामले पर प्रकाश डाला। तहसीलदार रवि रंजन कश्यप ने तहसील विधिक सेवा समिति एवं उसके कार्यों की जानकारी दी। वहीं चंदन राय ने वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा की।

लेखपाल परमानंद मिश्रा ने कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान भूपेंद्र यादव, आलोक विश्वकर्मा, ललित मोहन तिवारी एवं हरि नायक तिवारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम जैसे आदर्श पुरुष प्रतिदिन अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करते थे, जबकि आज समाज में वरिष्ठ नागरिकों की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने समाज में संस्कारों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

अंत में संघ के महामंत्री आलोक विश्वकर्मा ने कार्यक्रम के प्रति आभार व्यक्त किया।

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