जौनपुर। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ जौनपुर ने लखनऊ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के चैंबरों पर बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बुलडोजर चलाने और शांतिपूर्ण विरोध कर रहे वकीलों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है।
मुख्यमंत्री को भेजा गया मांग पत्र
इस कार्रवाई के विरोध में संघ के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र यादव और मंत्री रणबहादुर यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को मांग पत्र भेजा गया।
संघ द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लखनऊ प्रशासन द्वारा बिना किसी कानूनी और वैकल्पिक व्यवस्था के वकीलों के चैंबरों को ध्वस्त करना पूरी तरह अलोकतांत्रिक और निंदनीय है।
अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की निंदा
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज करा रहे निहत्थे अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि वकील समाज न्यायपालिका का एक अभिन्न अंग है, जो हमेशा संविधान और कानून की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाता है। ऐसे में अधिवक्ताओं के साथ किया गया यह दमनकारी व्यवहार लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अधिवक्ताओं की गरिमा पर सीधा आघात है।
अधिवक्ता संघ ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ जौनपुर ने मुख्यमंत्री के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें अधिवक्ताओं के चैंबर के लिए सम्मानजनक और स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ध्वस्त किए गए चैंबरों को पुनः स्थापित करने की मांग शामिल है।
इसके अलावा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई करने, प्रभावित अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने और प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट तत्काल लागू करने की मांग भी की गई।
संघ ने मुख्यमंत्री से इन सभी मांगों पर अविलम्ब विचार कर समुचित आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।



