खून से लथपथ देख मौके से फरार हुए हमलावर, पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
केराकत। तहसील क्षेत्र के तराव (बगही) गांव में रविवार रात तेरहवीं कार्यक्रम से लौट रहे छह युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि डींगूरपुर यादव बस्ती के पास कुछ लोगों ने युवकों को रोककर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घटना में प्रीतेश कुमार के सिर में गंभीर चोट आई और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने मामले में एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि प्रीतेश कुमार अपने साथी रितेश, रजनीश, विट्टू, मनीष और अवधेश के साथ झंझापार निवासी संदू चौहान के घर आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने गया था। रात में सभी युवक वापस लौट रहे थे। आरोप है कि डींगूरपुर यादव बस्ती के पास रामजनम यादव, डीपी यादव, प्रदीप यादव, मंगल यादव, साहिल यादव, कल्लू यादव और अंकित यादव ने उन्हें रोक लिया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, युवकों और आरोपितों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ। विरोध करने पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। हमले में प्रीतेश के सिर में गंभीर चोट लगी। वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे गंभीर हालत में देखकर हमलावर मौके से फरार हो गए।
अस्पताल में कराया गया उपचार
घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायलों को बीरीबारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्रीतेश की हालत गंभीर देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया।
मामले में पुलिस ने सोमवार को एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तीन युवकों का मेडिकल न कराने का आरोप
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने तीन घायलों का मेडिकल परीक्षण नहीं कराए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रविवार रात केवल तीन युवकों का मेडिकल कराया गया, जबकि विट्टू, मनीष और अवधेश को सुबह थाने आने के लिए कहा गया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, सोमवार को तीनों युवक थाने पहुंचे, जहां उन्हें दिनभर बैठाए रखा गया और मेडिकल परीक्षण कराए बिना ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पीड़ित पक्ष ने सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस की जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियों और आरोपों की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


