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Homeअपना जौनपुरपूर्वांचल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता पर जोर

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता पर जोर

कुलपति ने इंजीनियरिंग संकाय के विभिन्न विभागों का किया निरीक्षण, विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर जानीं समस्याएं

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुलपति प्रो. आरके सिंह ने सोमवार को इंजीनियरिंग संकाय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, कर्मचारियों और शोधार्थियों से संवाद कर शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान कुलपति ने नियमित कक्षाओं के संचालन, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पठन-पाठन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने शोध गतिविधियों, प्रयोगशालाओं में उपलब्ध संसाधनों, कार्यालयी कार्यों तथा विभागों की आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया। विभागों में स्वच्छता, अनुशासन और समयबद्ध कार्यप्रणाली बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

कक्षा और संवाद को बताया महत्वपूर्ण

कुलपति प्रो. आरके सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता केवल भवन और संसाधनों से निर्धारित नहीं होती। इसका आकलन कक्षाओं में होने वाले गुणवत्तापूर्ण संवाद, नियमित पठन-पाठन, शोध गतिविधियों और विद्यार्थियों के समग्र विकास से होता है।

उन्होंने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शैक्षणिक वातावरण को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। कहा कि कक्षा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था का केंद्र है और विद्यार्थी उसकी महत्वपूर्ण इकाई हैं। शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ निरंतर संवाद कर उनकी शैक्षणिक समस्याओं को समझना चाहिए और उनके समाधान के लिए प्रभावी प्रयास करना चाहिए।

कुलपति ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और कक्षाओं के संचालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय स्तर पर शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाए रखने पर भी जोर दिया।

विद्यार्थियों से सीधे लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान कुलपति कई कक्षाओं में पहुंचे और विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने पठन-पाठन, कक्षाओं की नियमितता तथा विभागीय शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में विद्यार्थियों से जानकारी ली। इस दौरान विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया।

उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ सहज और सकारात्मक संवाद बनाए रखने को कहा। साथ ही शोध गतिविधियों और प्रयोगशाला संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी ध्यान देने की बात कही।

निरीक्षण के दौरान इंजीनियरिंग संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश भास्कर सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक और संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।