दोनों पालियों में शांतिपूर्ण रहा आयोजन, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक निगरानी में हुई अभ्यर्थियों की जांच
जौनपुर। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 जिले में रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। परीक्षा के अंतिम दिन 32 केंद्रों पर दोनों पालियों में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। प्रशासन के अनुसार, किसी भी केंद्र से अव्यवस्था या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक आयोजित हुई। सभी केंद्रों पर नोडल अधिकारियों और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती रही। कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए परीक्षा केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग कराई गई, जिससे प्रशासनिक अधिकारी व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे।
तलाशी और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद प्रवेश
परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन और आधार कार्ड का मिलान कराया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने की अनुमति मिली। ड्रेस कोड का पालन कराने के लिए महिला अभ्यर्थियों के कंगन, चूड़ियां, हेयर पिन और क्लेचर जैसी वस्तुओं की भी जांच की गई। पुरुष अभ्यर्थियों की भी तलाशी ली गई।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारी परीक्षा व्यवस्था पर नजर रखे रहे। एडीएम परमानंद झा सहित सेक्टर मजिस्ट्रेटों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और परीक्षा संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
यातायात व्यवस्था पर भी रही नजर
अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए यातायात पुलिस ने प्रमुख चौराहों पर बैरियर लगाकर व्यवस्था संभाली। बड़े वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई, ताकि परीक्षा केंद्रों के आसपास जाम की स्थिति न बने। परीक्षा समाप्त होने के बाद जौनपुर जंक्शन, सिटी स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर घर लौटने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ दिखाई दी।
सामान्य ज्ञान के सवाल आसान, ग्राफ आधारित प्रश्नों में लगा समय
परीक्षा देकर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र का स्तर औसत से मध्यम बताया। उनके मुताबिक सामान्य ज्ञान, इतिहास और हिंदी के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल रहे, जबकि गणितीय डेटा इंटरप्रिटेशन और ग्राफ आधारित सवालों को हल करने में अधिक समय लगा। निगेटिव मार्किंग के चलते अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट भरने में सावधानी बरती।
प्रशासन की ओर से परीक्षा के शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।


