जौनपुर। जिले में सरकारी खाद्यान्न के वितरण में अनियमितता और कालाबाजारी के मामलों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। खुटहन और सुजानगंज क्षेत्र में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में गेहूं और चावल का स्टॉक गायब मिलने पर दो उचित दर विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। दोनों दुकानों के अनुबंध भी निलंबित कर दिए गए हैं।
खुटहन में 82.85 कुंतल खाद्यान्न की अनियमितता
ग्राम पंचायत अहरपुर, विकासखंड खुटहन, तहसील शाहगंज में भीमा बाई स्वयं सहायता समूह की उचित दर दुकान संचालिका साधना पत्नी ललित मोहन के खिलाफ दूरभाष पर शिकायत प्राप्त हुई थी।
शिकायत के बाद 11 अगस्त को क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शाहगंज और पूर्ति निरीक्षक खुटहन ने संयुक्त रूप से दुकान के वितरण और स्टॉक की जांच की। जांच के दौरान 19.10 कुंतल गेहूं और 63.74 कुंतल चावल, यानी कुल 82.85 कुंतल खाद्यान्न की गंभीर अनियमितता सामने आई।
प्रशासन के अनुसार खाद्यान्न की कालाबाजारी किए जाने संबंधी मामला प्रकाश में आया। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद साधना, भीमा बाई स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सरिता, उनके पति सुभाष तथा अभिकर्ता/विक्रेता के पति ललित मोहन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत 19 अगस्त को खुटहन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
विभागीय कार्रवाई के तहत संबंधित दुकान का अनुबंध भी निलंबित कर दिया गया है।
सुजानगंज में 180.82 कुंतल खाद्यान्न का स्टॉक मिला शून्य
इसी तरह सुजानगंज विकासखंड के घाटमपुर गांव में उचित दर विक्रेता सुदामा देवी पत्नी राजकुमार की दुकान का 12 अगस्त को क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक सुजानगंज ने आकस्मिक निरीक्षण किया।
विभागीय जांच के अनुसार जुलाई और अगस्त 2026 के वितरण के बाद दुकान में 38.53 कुंतल गेहूं और 142.29 कुंतल चावल, कुल 180.82 कुंतल खाद्यान्न अवशेष के रूप में होना चाहिए था। निरीक्षण के दौरान मौके पर स्टॉक शून्य मिला।
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक पद्माकर तिवारी ने 19 अगस्त को सुजानगंज थाने में सुदामा देवी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
विभागीय कार्रवाई के तहत दुकान का अनुबंध भी निलंबित कर दिया गया।
राशन वितरण में अनियमितता पर होगी कार्रवाई
प्रशासन की कार्रवाई से सरकारी राशन के वितरण में अनियमितता करने वाले विक्रेताओं में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में किसी भी तरह की अनियमितता या खाद्यान्न की कालाबाजारी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

