आजमगढ़। सगड़ी तहसील के उत्तर में बहने वाली घाघरा नदी के जलस्तर 24 घंटे में 23 सेंटीमीटर बढ़ गा है। बनबसा बैराज से गुरुवार को सुबह ढाई लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज करने से घाघरा नदी उफान पर है। जल स्तर बढ़ने से चार गांवों में घाघरा तटवर्ती क्षेत्रों में बसी किसानों के खेती योग्य भूमि को काट रही है। बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर जहां बढ़ रहा था, वहीं बुधवार से घटने लगा था। अचानक गुरुवार को फिर से जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगी। बाढ़ खंड के जेई अवनीश कुमार ने बताया कि गुरुवार की सुबह 8 बजे बनबसा बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है। उन्होंने आगे और जलस्तर बढ़ने की संभावना जताते हुए कहा कि अभी कोई खतरे की बात नहीं है। जलस्तर बढ़ने से कटान शुरू हो गयी है। घाघरा के तटवर्ती क्षेत्र सहबदिया, पर्शिया, गांगेपुर, उर्दिहा गांवो में कटान हो रही है। जिससे दर्जनों किसानों की भूमि कटान के कगार पर हैं। इन गांवो में अब तक काफी जमीन घाघरा नदी काट चुकी है। गांवं के किसानों का कहना है की जल स्तर फिर बढ़ने से कटान हो रही है। घाघरा नदी में पूर्व में आई बाढ़ से देवरांचल के द्वारा खास राजा, सहबदिया, गांगेपुर ,उर्दिहा गांव की अब तक 80 बीघा खेती योग्य भूमि घाघरा नदी में विलिन हो चुकि है। नदी में बाढ़ आने से तटवर्ती गांव चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा, भदौरा, शाहडीह, अभ्भन पट्टी बांका , सोनौरा, अजगरा,अचल नगर आदि गांव के लोगों के आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा समस्या पशुओं के चारों की हो जाती है। वहीं पर बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। प्रशासन ने 10 बाढ़ चौकी एवं 14 आश्रय स्थल स्थापित किए हैं। बदरहुआ गेज पर बुधवार को शाम 4 बजे नदी का जलस्तर 69.45 मीटर पर था। गुरुवार को शाम 4 बजे जलस्तर 69.68 मीटर पर पहुंच गया। 24 घंटे में जलस्तर में 23 सेमी बढ़ाव हुआ है। यहां का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर है। खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। जबकि उच्चतम जलस्तर 73.52 मीटर है। डिघिया गेज पर बुधवार की शाम 4 बजे नदी का जलस्तर 68.77 मीटर पर था। वहीं गुरुवार की की शाम 4:00 बजे 68.94 दर्ज किया गया। 24 घंटे में जलस्तर में 17 सेमी बढ़ाव दर्ज किया गया। इस गेज का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और उच्चतम जलस्तर 72.59 मीटर पर है।
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मछलीशहर के राजमहल पैलेस में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में विभिन्न विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को समझते हुए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
चौबीस घंटे में 23 सेंमी बढ़ा घाघरा का जलस्तर


