Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
Homeउत्तर प्रदेशकैदियों की किस्मत चमकाने में जुटा मिशन 'कौशल'

कैदियों की किस्मत चमकाने में जुटा मिशन ‘कौशल’

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में इस बार जेल में बंद कैदियों ने स्ट्रॉबेरी की खेती करके एक नई मिशाल पेश की है. इसकी खेती सबसे ज्यादा पहाड़ी इलाकों में की जाती है. मैदानी इलाकों में इसकी खेती करना काफी मुश्किल होता है. लेकिन जिला कारागार के जेल अधीक्षक और जेलर ने कौशल विकास मिशन के तहत इन कैदियों को प्रशिक्षित कर एक नई जिंदगी देने का प्रयास किया है।. इसी के साथ बाराबंकी जेल यूपी की ऐसी पहली जेल बन गई है जहां स्ट्रॉबेरी की खेती हो रही है.

गौरतलब है कि बाराबंकी जिला कारागार में धारा-302 समेत कई बड़े अपराधों में कैदी बंद हैं. यहां ऐसे कैदी हैं जिन्होंने दुनिया में कई काले कारनामे किए हैं. लेकिन अब इनका हृदय परिवर्तन कराया जा रहा है. सरकार के कौशल विकास मिशन योजना के तहत सजा काट रहे 1,600 कैदियों को जिला कारागार के जेल अधीक्षक और जेलर उन्नतशील खेती के गुण सिखा कर नई जिंदगी देने का प्रयास कर रहे हैं.

कैदियों के विकास में मिशन ‘कौशल’
जिला कारागार में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सजा पाए कैदियों ने जिला जेल अधीक्षक पीपी सिंह की सलाह पर जेल की लगभग एक बीघा जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की है. इनको खेती करने का तरीका कौशल विकास मिशन के तहत सिखाया गया है. अक्टूबर महीने में इन लोगों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर खेती की. फिर स्ट्रॉबेरी का पौधा लगाने के लिए बेड तैयार किया उसमें स्ट्रॉबेरी का पौधा लगाया. लगभग 4 महीने में फसल तैयार हो गई. अब इसकी पैकिंग करके इसको मार्केट में उतारने का काम किया जा रहा है.

क्या कहते हैं कैदी?
दरअसल यूपी सरकार की कौशल विकास मिशन योजना के तहत कैदियों को अब खेती के गुण सिखाए जा रहे हैं. खेती की हुनर पाकर जिला कारागार की बंदी बहुत खुश हैं. उनका साफ कहना है कि जिस तरह हम जेल में रहकर में स्ट्रॉबेरी की खेती सीखी है. उसे हमको बहुत ज्यादा लाभ मिला है. जेल से छूटने के बाद हम भी इस खेती को अपनाएंगे।