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55 साल का इंतजार, अब भी अधूरा आशियाना; पट्टे की जमीन पर कब्जे के लिए भटक रहे मुसहर परिवार

जौनपुर के खुटहन ब्लॉक स्थित बड़नपुर गांव में मुसहर परिवारों को वर्ष 1972 में पट्टे की भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन आज तक उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी जमीन विवाद के कारण अधूरा पड़ा है।
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एसपी ऑफिस के बाहर पुलिसकर्मी की बाइक से बंदरों ने निकाली शराब की बोतल

आगरा में बंदरों का उत्पात किसी से छिपा नहीं है। ताजमहल में पर्यटकों को निशाना बना रहे हैं। शहर में लोग परेशान हैं और कलक्ट्रेट में अफसर और पुलिसकर्मी। इस बार बंदरों के उत्पात का अजब मामला सामने आया है। कलक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के कार्यालय के बाहर खड़ी एक पुलिसकर्मी की बाइक के बैग से बंदरों ने शराब की बोतल निकाल ली। मौके पर मौजूद होमगार्डों ने जब बंदरों को बोतल निकालते देखा तो उसके पीछे दौड़ पड़े। इस पर बंदर बोतल छोड़कर भाग गए। जानकारी होने पर जब पुलिसकर्मी वहां पहुंचा तो होमगार्ड ने उसे बोतल लौटा दी। बंदरों की हरकत देख वहां मौजूद लोगों की हंसी छूट गई। वहीं इस पूरे घटनाक्रम को किसी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

बंदरों द्वारा पुलिसकर्मी की बाइक से शराब की बोतल निकालने की घटना मंगलवार शाम की बताई गई है। जानकारी के मुताबिक पुलिसकर्मी किसी काम से कलेक्ट्रेट आया था। उसने अपनी बाइक पुलिस अधीक्षक ग्रामीण कार्यालय के बाहर खड़ी कर दी। इसके बाद अंदर चला गया। पुलिसकर्मी के कार्यालय में प्रवेश करते ही उसकी बाइक पर बंदर बैठ गए। बंदरों ने बाइक में लगा बैग खोल लिया। बैग के अंदर अंग्रेजी शराब की बोतल रखी हुई थी। बंदरों ने बोतल को निकाल लिया। डिब्बे से बोतल भी बाहर निकाल ली, लेकिन ढक्कन को खोल नहीं पाए। कार्यालय के बाहर मौजूद एक होमगार्ड की नजर शराब की बोतल पकड़े बंदरों पर पड़ी। उसने बंदरों को भगाया। इस पर बंदर बोतल छोड़कर भाग गए। इसके बाद होमगार्ड ने शराब की बोतल पुलिसकर्मी को लौटा दी। बता दें कि कलेक्ट्रट परिसर में उत्पाती बंदर डीएम नवनीत चहल की एस्कॉर्ट गाड़ी में भी उत्पात मचा चुके हैं। यह मामला एक अक्तूबर का है। कुछ बंदर कलेक्ट्रेट में खड़ी गाड़ी में घुस गए थे। बंदरों ने गाड़ी में रखी कागजात फाड़ दिए थे।