पीलीभीत: विद्यार्थियों के एग्जाम सिर पर हैं. ऐसे में तमाम विद्यार्थी मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं. ऐसे मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक पहल की गई है. इसके लिए हर स्कूल में क्लास मॉनिटर की तर्ज पर मनपरी और मनदूत का गठन किया जाएगा. दरअसल, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में इन दिनों राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत तमाम स्कूल कॉलेजों में मेंटल हेल्थ कैंप का आयोजन किया जा रहा है.
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो इन दिनों परीक्षाओं के चलते काफी विद्यार्थी मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं. प्राथमिक लक्षणों की पहचान व जानकारी के अभाव में कई बार यह मामले अधिक बिगड़ जाते हैं. इन मामलों में जागरूकता के लिए मेंटल हेल्थ कैंप में विशेषज्ञ द्वारा विद्यार्थियों की प्राथमिक काउंसलिंग की जा रही है. वहीं परीक्षा में होने वाली परेशानियों से बचने के टिप्स भी दिए जा रहे हैं. पीलीभीत जिला अस्पताल में बतौर साइकोथैरेपिस्ट तैनात डॉ. पल्लवी सक्सेना ने बताया कि प्रत्येक स्कूल में कुछ ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनका मानसिक स्वास्थ्य आम बच्चों की अपेक्षा अधिक बेहतर है. ऐसे बच्चों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके बाद ये बच्चे अपने-अपने स्कूलों में मनपरी व मनदूत की भूमिका निभाएंगे. इनका काम अपने ऐसे साथियों को चिन्हित करना है, जिनमें मानसिक तनाव के प्राथमिक लक्षण नजर आ रहे हैं. ये ऐसे विद्यार्थियों की जानकारी मानसिक स्वास्थ्य विभाग की टीम को देंगे. शुरुआती तौर पर इस अभियान को जिले के प्रमुख स्कूलों में चलाया जा रहा है. उम्मीद है इसके जरिए विद्यार्थियों के मानसिक तनाव के मामलों को शुरुआती दौर में ही बेहतर किया जा सकेगा.



