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राम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु

जौनपुर के बीआरपी इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के छठवें दिन आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट संवाद का प्रसंग सुनाया। कैकेयी के वरदान, श्रीराम के त्याग और केवट की भक्ति की कथा सुनकर श्रद्धालु भावुक हुए।
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मौनी अमावस्या का महापर्व, संगम में अब तक 85 लाख लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

  • 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

मौनी अमावस्या के दिन परिक्रमा, पूजन, स्नान, दान, तप और योग का विधान है. इस बार शनिवार को मौनी अमावस्या पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जा रहा है. शनिश्चरी अमावस्या का योग गंगा स्नान के महत्व को कई गुना बढ़ा रहा है. मौनी अमावस्या पर तिल के साथ ही अपनी सामर्थ्य़ के मुताबिक दान करना विशेष लाभकारी होता है. इस दिन कल्पवासियों द्वारा चौरासी प्रकार के दान किये जाने की भी परंपरा है. मौन रहकर गंगा में कम से कम तीन डुबकी अवश्य लगानी चाहिए.आज ब्रह्म मुहूर्त से पूरे दिन मौनी अमावस्या के स्नान का पुण्य लाभ श्रद्धालुओं और कल्पवासियों को मिलेगा. खासतौर पर अभिजित मुहूर्त में मध्यकाल में पूजन का विशेष महत्व है.