
- योग के साथ खान-पान पर भी दें ध्यान : प्रो. निर्मला एस. मौर्य
जौनपुर धारा, जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नव स्थापित नशा मुक्त एवं पुनर्वास केंद्र द्वारा शनिवार को ‘जीवनशैली से जुड़े रोगों के रोकथाम में योग की भूमिका’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में आर्ट ऑफ लिविंग, बंगलुरु की योग प्रशिक्षिका स्वाती सरकार ने कहाकि महिलाओं की असंतुलित जीवनशैली के कारण तमाम तरह की समस्याएं आ रही है, जिसमें एक बहुत सामान्य बीमारी के रूप मे पीसीओएस है, इससे ग्रसित महिलाओं में मानसिक अवसाद अधिक होती है, ये हार्मोनल डिस्टरबेंस के कारण से है। इसी तरह से असंगत जीवनशैली के कारण मधुमेह बीमारी में हमारे शरीर में इंसुलिन कम बनाता है। यहाँ योग एवं साधना के माध्यम से इन समस्याओं को हम काफी हद तक कम कर सकते है। कोरोना वायरस जैसी भयावह स्थिति में हमने योग को काफी हद तक प्रभावकारी पाया है। कार्यशाला की अध्यक्षता करती हुई विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने कहाकि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हमारे स्वयं द्वारा आमंत्रित बीमारी है, जितना भी संभव हो सके, जीवन में योग को स्थान दें। योग के साथ सही खानपान बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सावन साग ना भादों दही, कुंवार दूध ना कार्तिक मही को विस्तार से समझाया। विशिष्ट वक्ता के रूप में डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने जीवन शैली से जुड़े बीमारियों के ऊपर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अवधेश कुमार मौर्य ने किया। कार्यशाला में आचार्य विक्रम देव शर्मा, राजेंद्र प्रताप सिंह, जय सिंह, विवेक, आराधना, रिया, प्रिया, दिव्या, सोनाली, श्रुति, राजेंद्र, सत्यप्रकाश इत्यादि मौजूद रहे।


