जौनपुर। यूपीटीईटी 2026 जौनपुर का तीन दिवसीय आयोजन शनिवार को जिले में शांतिपूर्ण, पारदर्शी और नकलविहीन वातावरण में संपन्न हो गया। अंतिम दिन प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा केवल प्रथम पाली में आयोजित हुई, जिसमें जिले के 23 परीक्षा केंद्रों पर 9,584 अभ्यर्थी शामिल हुए। तीन दिनों में कुल 56,882 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई परीक्षा
जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. के निर्देशन में परीक्षा के दौरान व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू रही। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई। जूते, मोजे, बेल्ट, घड़ी और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं बाहर रखवाने के बाद ही प्रवेश दिया गया।
कई केंद्रों पर शर्ट की बाहें और कॉलर तक खुलवाकर जांच की गई। पारदर्शी पानी की बोतलों पर लगे ब्रांड के रैपर भी हटवाए गए। निर्धारित समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।
23 केंद्रों पर रही कड़ी निगरानी
परीक्षा की निगरानी के लिए 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 23 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 5 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट और 8 आरक्षित स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल और पर्यवेक्षक लगातार निगरानी करते रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि नकल या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। तीनों दिन किसी भी केंद्र से नकल या अव्यवस्था की शिकायत नहीं मिली।
परीक्षा के बाद बढ़ा यातायात दबाव
तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, टीडी लॉ कॉलेज और महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज सहित प्रमुख परीक्षा केंद्रों पर सुबह से अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद हजारों अभ्यर्थियों के एक साथ बाहर निकलने से शहर के कई मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
प्रश्नपत्र को बताया संतुलित
परीक्षा के बाद अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को पाठ्यक्रम के अनुरूप और संतुलित बताया। उनका कहना था कि समय प्रबंधन करने वाले अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करने में विशेष कठिनाई नहीं हुई। अब अभ्यर्थियों की निगाहें उत्तर कुंजी और परिणाम पर टिकी हैं, जिसके अगस्त में जारी होने की संभावना है।
सख्ती ऐसी कि जूते-मोजे भी उतरवाए
- 23 परीक्षा केंद्रों पर सघन जांच के बाद मिला प्रवेश।
- जूते, मोजे, बेल्ट और घड़ी बाहर रखवाई गई।
- शर्ट की बाहें और कॉलर तक खुलवाकर तलाशी ली गई।
- निर्धारित समय के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिला।
डीएम की निगरानी में रही पूरी परीक्षा
- जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की।
- 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 23 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात रहे।
- 5 आरक्षित सेक्टर व 8 आरक्षित स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी लगाए गए।
- सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन ढंग से संपन्न हुई।


