एशियाई खेल-2026 के कांस्य पदक विजेता रोहित यादव और उनके पिता को डीएम ने किया सम्मानित
जौनपुर। गांव में बांस से बने भाले के सहारे अभ्यास शुरू करने वाले मछलीशहर तहसील के अदारी डिभिया निवासी भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव ने अपनी मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। एशियाई खेल-2026 की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर रविवार को जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. ने रोहित और उनके पिता सभाजीत यादव को सम्मानित किया।
जिलाधिकारी ने जनसुनवाई कक्ष में दोनों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और पुस्तक भेंट कर बधाई दी। उन्होंने कहा कि रोहित की सफलता परिश्रम, लगन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। सीमित संसाधनों के बीच पिता ने जिस तरह उनका साथ दिया, वह भी प्रेरणादायक है। रोहित की उपलब्धि जिले के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
पिता ने बांस से बनाया था पहला भाला
अपनी संघर्ष यात्रा साझा करते हुए रोहित ने बताया कि उनके पिता ने गांव में बांस के ऊपरी हिस्से को काटकर उनके लिए पहला भाला तैयार किया था। इसी से उन्होंने अभ्यास शुरू किया। संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी। वर्ष 2019 में पटियाला स्थित नेशनल कैंप से जुड़ने के बाद उनके खेल करियर को नई दिशा मिली।
रोहित ने कहा कि एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतना उनके पिता के सपने को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब उनका लक्ष्य 2028 ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर बेहतर प्रदर्शन करना और भविष्य में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में खेल प्रतिभाओं की शुरुआती स्तर पर पहचान कर उन्हें अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे मिनी स्टेडियम युवाओं को अभ्यास करने और अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देंगे।
इस मौके पर जिला क्रीड़ा अधिकारी अशोक सोनकर, एथलेटिक्स कोच कृष्ण यादव, कुश्ती कोच अशोक सोनकर, हैंडबॉल कोच निलेश यादव सहित अन्य प्रशिक्षक मौजूद रहे।


