जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, भारत सरकार के सहयोग से मेजर ध्यानचंद इंडोर स्टेडियम में किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रही। आयोजन में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी, छात्र-छात्राओं तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर योगाभ्यास किया।
मुख्य अतिथि एनसीसी वाराणसी के ग्रुप कमांडर विकास पंजियार ने कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर की चुनौतियों, सोशल मीडिया के प्रभाव और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित, अनुशासित और स्वस्थ जीवन जीने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने योग के प्रति अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि चिकित्सकों द्वारा घुटनों के ऑपरेशन की सलाह दिए जाने के बावजूद नियमित योगाभ्यास के कारण वह आज भी स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाता है तथा इसे नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि एवं आर्ट ऑफ लिविंग, बेंगलुरु की इंटरनेशनल फैकल्टी डॉ. शारदा द्विवेदी ने ध्यान सत्र का संचालन करते हुए कहा कि योग केवल आसनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन की शांति और जीवन के सात स्तरों—शरीर, श्वास, मन, बुद्धि, स्मृति, अहंकार और चेतना—के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है।
वहीं 98 यूपी बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आलोक सिंह धर्मराज ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक जय सिंह गुहिलोत ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय ने किया। संचालन डॉ. राजेश सिंह तथा धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. प्रमोद कुमार यादव, प्रो. मिथिलेश सिंह, डॉ. शेखर सिंह, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर सहित विश्वविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।


