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निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दो दिवसीय एआरपी कार्यशाला सम्पन्न

जौनपुर। निपुण भारत मिशन एवं शैक्षिक संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद स्तरीय दो दिवसीय एआरपी कार्यशाला 11 एवं 12 जून को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास और निपुण लक्ष्य प्राप्ति से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला के दौरान एनबीएमसी पोर्टल पर नैट से संबंधित रिपोर्टों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने, प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश उपलब्ध कराने तथा विद्यालय स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष बल दिया गया।

निपुण लक्ष्य प्राप्ति पर दिया गया विशेष जोर

कार्यशाला में सभी विकास खंडों के लिए ब्लॉक डेवलपमेंट प्लान तैयार कर निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अपलोड करने और उसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रतिभागियों को मिशन की प्राथमिकताओं और लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रभावी निगरानी जरूरी

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने अपने संबोधन में 5 प्वाइंट टूल्स किट के प्रभावी अनुपालन और एआरपी द्वारा सपोर्टिव सुपरविजन के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निपुण भारत मिशन की सफलता के लिए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों से विद्यार्थियों के बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने की सहभागिता

कार्यशाला में खंड शिक्षा अधिकारियों, जिला समन्वयकों, डीसी ट्रेनिंग, डीसी निपुण, डीसी एमआईएस, एसआरजी एवं एआरपी सहित शिक्षा विभाग के विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। इस दौरान प्रतिभागियों को मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

कार्यशाला के समापन पर अधिकारियों ने निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।