डीएम ने 20 गांवों के किसानों से की वार्ता, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
जौनपुर। केराकत तहसील क्षेत्र में एनएच-233 के चौड़ीकरण से प्रभावित 20 गांवों के किसानों के लंबित प्रतिकर प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाने की कवायद शुरू की गई है। बुधवार को जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. ने प्रभावित किसानों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रतिकर भुगतान से जुड़े लंबित मामलों की जानकारी ली।
जरूरी अभिलेख जल्द जमा करने को कहा
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र किसानों के प्रतिकर भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने लंबित प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने को कहा। साथ ही किसानों से भी भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए आवश्यक अभिलेख जल्द उपलब्ध कराने की अपील की।
किसानों को बैंक खाते का विवरण, फोटो, शपथ पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जमा कराने को कहा गया। अधिकारियों के अनुसार अभिलेख पूरे होने से पात्रता और भुगतान से जुड़े मामलों के निस्तारण में सुविधा होगी।
चौड़ीकरण कार्य की भी समीक्षा
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने एनएच-233 के चौड़ीकरण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य का नियमित निरीक्षण करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए प्रतिकर से संबंधित लंबित मामलों का नियमानुसार त्वरित समाधान किया जाए।
एनएच परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा जिला प्रशासन स्तर पर पहले भी की जा चुकी है। अगस्त में हुई समीक्षा में एनएच-233 समेत विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और लंबित प्रकरणों की स्थिति पर चर्चा की गई थी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह, उपजिलाधिकारी केराकत, एनएचएआई के परियोजना निदेशक समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


