एसडीएम और सीओ ने नशामुक्ति प्रदर्शनी का किया अवलोकन, युवाओं को जागरूक करने पर जोर
मुंगराबादशाहपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सभागार में शनिवार को नशामुक्ति अभियान, एक दिवसीय आध्यात्मिक शिविर और रक्षाबंधन पर्व के साथ नेपाल में बाढ़ से जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में समाज को नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम अजय उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा और संस्थान की संचालिका अनीता दीदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों ने नशामुक्ति से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
एसडीएम अजय उपाध्याय ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था लोगों को तनावमुक्त जीवन जीने की कला सिखाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यस्त जीवनशैली में मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन उपयोगी हो सकता है। उन्होंने नशामुक्ति अभियान को सामाजिक समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि समाज को नशा और अपराध मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों को भी मिलकर प्रयास करना होगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
संस्थान की संचालिका अनीता दीदी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि बुराइयों और व्यसनों से स्वयं को दूर रखने का संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने लोगों से नियमित योग और मेडिटेशन अपनाने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि आलोक साहू, क्रांति गुप्ता और मिथिलेश कुमार ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान नेपाल में बाढ़ से जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए कैंडल जलाकर दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद मेडिटेशन किया गया।
कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारी बहनों ने अतिथियों और उपस्थित लोगों को रक्षा सूत्र बांधा, तिलक लगाया तथा ब्रह्माकुमारी पट्टा और ईश्वरीय सौगात भेंट की। उपस्थित लोगों ने जीवनभर नशे से दूर रहने और दूसरों को भी नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने की शपथ ली।
कार्यक्रम का संचालन ममता बहन ने किया। इस अवसर पर आलोक गुप्ता, रजनी, ममता, शर्मिला, खुशबू, शोभा, प्रमिला, मोतीलाल, अवधेश और श्यामजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


