Become a member

Get the best offers and updates relating to Liberty Case News.

― Advertisement ―

spot_img

आंधी-पानी ने धान की तैयार फसल को खेतों में गिराया

केराकत क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश से धान की तैयार फसल खेतों में गिर गई। नदौली समेत कई गांवों के किसानों ने फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
Homeअपना जौनपुरदूध से पनीर तक संरक्षण की वैज्ञानिक तकनीक जरूरी : प्रो. सुधीर...

दूध से पनीर तक संरक्षण की वैज्ञानिक तकनीक जरूरी : प्रो. सुधीर सिंह

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के संरक्षण पर विशेष व्याख्यान

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय में फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों के लिए दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों के संरक्षण विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के पूर्व वैज्ञानिक प्रो. सुधीर सिंह ने विद्यार्थियों को दूध, पनीर, बटर और अन्य दुग्ध उत्पादों के संरक्षण की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी।

प्रो. सुधीर सिंह ने कहा कि दूध अत्यधिक शीघ्र खराब होने वाला खाद्य पदार्थ है। इसकी गुणवत्ता, पोषण और खाद्य सुरक्षा बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक संरक्षण तकनीकों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण में स्वच्छता, ताप उपचार, शीत भंडारण और प्रभावी पैकेजिंग की भूमिका समझाई।

उन्होंने पनीर के संरक्षण के लिए नमी नियंत्रण, स्वच्छता, उचित पैकेजिंग और सही तापमान पर भंडारण को महत्वपूर्ण बताया। वहीं बटर के संरक्षण में तापमान नियंत्रण, उपयुक्त पैकेजिंग और ऑक्सीकरण से बचाव की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रो. सिंह ने क्रीम, मिल्क पाउडर समेत अन्य दुग्ध उत्पादों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक संरक्षण तकनीकों के इस्तेमाल से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ दुग्ध उत्पादों का मूल्यवर्धन और उनके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।

व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने दूध, पनीर, बटर और अन्य दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण एवं संरक्षण से जुड़े सवाल पूछे। प्रो. सुधीर सिंह ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया और संरक्षण की प्रक्रियाओं को व्यावहारिक दृष्टि से समझने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने प्रो. सुधीर सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर किया गया।