बुखार, उल्टी-दस्त और चर्म रोग के मरीज बढ़े, चिकित्सकों ने स्वच्छ पानी और ताजा भोजन की दी सलाह
जौनपुर। मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी के बीच जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इन दिनों बुखार, उल्टी-दस्त और चर्म रोग से पीड़ित लोग उपचार के लिए बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।
मंगलवार को दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक ही जिला अस्पताल की ओपीडी में 972 मरीजों का पंजीकरण हो चुका था। मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच अस्पताल में स्थायी चिकित्सकों की उपलब्धता सीमित है। वर्तमान में महज 18 स्थायी चिकित्सक ओपीडी और अन्य चिकित्सा सेवाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
दूषित पानी और खान-पान में लापरवाही से बढ़ सकता है खतरा
चिकित्सकों के अनुसार मौसम बदलने के दौरान दूषित पानी, खुले में रखा भोजन और खान-पान में लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कन्नौजिया के मुताबिक इन दिनों बुखार के साथ उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी समस्याओं के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं।
उन्होंने लोगों को बासी भोजन से परहेज करने तथा पीने के लिए स्वच्छ या उबला हुआ पानी इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यान
चिकित्सकों का कहना है कि उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी और आवश्यक लवण की कमी हो सकती है। बच्चों और बुजुर्गों में ऐसी स्थिति होने पर विशेष सावधानी की जरूरत होती है। समस्या बढ़ने पर समय गंवाए बिना चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
साफ-सफाई और खान-पान पर दें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को भोजन करने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोने की सलाह दी है। इसके साथ ही खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने और पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीने पर जोर दिया गया है।
मौसम में बदलाव के दौरान साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल और खान-पान पर ध्यान देकर मौसमी बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।


