लैंगिक उत्पीड़न, श्रमिक कानून और किशोरों से जुड़े प्रावधानों पर हुई चर्चा
जौनपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सरयू देवी इंटर कॉलेज, राजपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को लैंगिक उत्पीड़न, श्रमिक कानून, राजस्व मामलों, किशोरों से जुड़े प्रावधानों और निशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई।
जरूरतमंदों तक विधिक सहायता पहुंचाने पर जोर
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुशील कुमार सिंह ने लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित नियमों और आवश्यक कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस के महत्व और यातायात अनुशासन पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक विधिक सहायता पहुंचाना है।
डिप्टी चीफ डिफेंस काउंसिल डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को तनाव की स्थिति में संतुलन बनाए रखने और आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने किसी संदिग्ध या परेशानी वाली स्थिति की जानकारी तत्काल अभिभावकों को देने के लिए भी कहा।
उन्होंने प्राधिकरण की स्थापना और लीगल डिफेंस सिस्टम के बारे में जानकारी दी।
श्रमिक और राजस्व कानूनों की दी जानकारी
पारिवारिक न्यायालय के काउंसलर देवेंद्र कुमार यादव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के फ्रंट ऑफिस, मध्यस्थता केंद्र और लीगल वालंटियर्स के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी सहायता के बारे में बताया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी रामकृष्ण मिश्रा ने श्रमिक कानूनों से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। तहसीलदार मछलीशहर सुरेंद्र कुमार वर्मा ने राजस्व संबंधी मामलों और उनसे जुड़ी प्रक्रिया के बारे में बताया।
सहपरीवीक्षा अधिकारी मुरलीधर गिरि ने प्रोबेशन कार्यालय से मिलने वाली सुविधाओं और किशोरों से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में पुलिस और विधिक सहायता से जुड़े अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
आत्मरक्षा कौशल का प्रदर्शन
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई। अंत में आत्मरक्षा से संबंधित कला-कौशल का प्रदर्शन किया गया। शिविर में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।


