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भीषण गर्मी में बंद पड़े वाटर कूलर, पानी को तरस रहे वादकारी

जौनपुर के दीवानी न्यायालय और कलेक्ट्रेट परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों के कारण भीषण गर्मी में वादकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
Homeअपना जौनपुरसुहागिन महिलाओं ने बरगद की पूजा कर मांगी पति की दीर्घायु

सुहागिन महिलाओं ने बरगद की पूजा कर मांगी पति की दीर्घायु

जौनपुर। जनपद के शहरी व ग्रामीण इलाकों में आज वट सावित्री व्रत का त्योहार पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। ज्येष्ठ माह की अमावस्या के पावन अवसर पर सुबह से ही नगर के ओलन्दगंज, लाइन बाजार, टीडी कॉलेज रोड और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों पर स्थित वट वृक्षों (बरगद के पेड़) के नीचे सुहागिन महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

इस वर्ष शनिवार के दिन अमावस्या होने से बने विशेष संयोग के कारण व्रत का महत्व और बढ़ गया। सुबह से ही नवविवाहिताएं और सुहागिन महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर और सोलह श्रृंगार कर पूजा स्थलों पर पहुँचीं। महिलाओं ने वट वृक्ष की जड़ में दूध और जल अर्पित किया तथा रोली, चंदन, अक्षत, फल और फूल चढ़ाकर विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद महिलाओं ने वृक्ष के चारों ओर सूत का कच्चा धागा लपेटते हुए सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु के लिए वट वृक्ष की परिक्रमा की। पूजा के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से बैठकर सत्यवान और माता सावित्री की पौराणिक कथा सुनी।

मान्यता है कि इसी दिन पतिव्रता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और तपोबल से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांग लिए थे। तभी से सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सुहाग की रक्षा के लिए इस कठिन व्रत का पालन करती आ रही हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार, पूजा संपन्न होने के बाद महिलाओं ने भीगे हुए चने, फल और सुहाग सामग्री, बांस का पंखा, सुहाग पुड़ा का दान किया और बुजुर्ग महिलाओं का आशीर्वाद लिया। दोपहर तक पूजा-अर्चना का यह दौर लगातार चलता रहा, जिससे पूरे जिले का माहौल भक्तिमय बना रहा।

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