- जौनपुर की हवा हुई अस्वस्थ, बढ़ता प्रदूषण बना बड़ी चिंता
जौनपुर। जिले में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर होता जा रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, जौनपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक कई स्थानों पर 150 के पार यानी ‘अस्वस्थ’ श्रेणी में दर्ज किया गया है।
हवा में घुलते इस जहर के कारण स्थानीय निवासियों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस प्रदूषण का मुख्य कारण हवा में हानिकारक महीन कणों यानी पीएम2.5 और पीएम10 के स्तर में आई भारी तेजी है।
शहर में बिना पर्यावरण मानकों के चल रहे निर्माण कार्य, सड़कों से उड़ती धूल, वाहनों का बढ़ता धुआं और ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक चूल्हों व कृषि अवशेषों को जलाना इस संकट को और गहरा कर रहा है।
जौनपुर पूर्व में भी वैश्विक स्तर पर अत्यधिक प्रदूषित शहरों की सूची में शुमार रह चुका है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि खराब एयर क्वालिटी के चलते दमा, ब्रोंकाइटिस और सीने में जलन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि सुबह और शाम के समय घरों से बाहर निकलने से बचें और जरूरी होने पर ही मास्क का प्रयोग करें। प्रशासन पर भी अब अवैध ईंट-भट्टों और प्रदूषण फैलाने वाले कारकों पर सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।



