सुइथाकला के लौंदा गांव में अचानक गिरे दशकों पुराने पीपल और बरगद के पेड़, मकान क्षतिग्रस्त
जौनपुर। सुइथाकला क्षेत्र की ग्राम पंचायत लौंदा में करीब एक घंटे के अंतराल में दो विशाल और पुराने पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर गिर गए। इससे एक मकान और गांव का पूजा स्थल क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, पेड़ गिरने के समय न आंधी चल रही थी और न ही मौसम खराब था। हालांकि, एक दिन पहले क्षेत्र में तेज आंधी के साथ भारी बारिश हुई थी।
पहली घटना में दयाशंकर सिंह के मकान पर करीब 200 से 250 वर्ष पुराना बताया जा रहा पीपल का विशाल पेड़ गिर पड़ा। पेड़ की चपेट में आने से मकान की छत और दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। कमरे में रखा बेड और अन्य घरेलू सामान भी खराब हो गया। गनीमत रही कि परिवार के किसी सदस्य या मवेशी को चोट नहीं आई। पीड़ित ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराकर सहायता दिलाने की मांग की है।
करीब एक घंटे बाद गांव के ग्राम देवता नरायनदेव के पूजा स्थल पर स्थित पुराना बरगद का पेड़ भी जड़ से उखड़कर गिर गया। इससे पूजा स्थल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, यह बरगद लंबे समय से गांव के लोगों की आस्था का केंद्र था।
इस घटना में बड़ा हादसा भी टल गया। ग्रामीणों ने बताया कि पेड़ गिरने से करीब एक मिनट पहले बच्चों को लेकर स्कूल बस वहां से गुजरी थी। पेड़ गिरता देख चालक ने तत्काल बस पीछे कर ली। इससे बस और उसमें सवार बच्चे हादसे की चपेट में आने से बच गए।
ग्रामीणों ने दोनों पेड़ों को गांव की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत बताते हुए उनके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, क्षतिग्रस्त मकान और पूजा स्थल का आकलन कराकर उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।


