डॉ. अजीत कपूर के सामने अचानक धंसा सड़क का हिस्सा, गनीमत रही कि कोई राहगीर या वाहन चपेट में नहीं आया
जौनपुर। शहर में सीवर पाइपलाइन बिछाने का काम भले ही पूरा हो चुका हो, लेकिन इसके बाद सड़कों के धंसने की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले कुछ समय से एक-दो महीने के अंतराल पर शहर के किसी न किसी हिस्से से सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे राहगीरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ताजा मामला मानिक चौक से सिपाह जाने वाले मार्ग का है। डॉ. अजीत कपूर के सामने सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। गनीमत रही कि घटना के समय कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया। व्यस्त मार्ग पर यदि कोई वाहन या व्यक्ति धंसी सड़क की चपेट में आता तो गंभीर हादसा हो सकता था।
सीवर लाइन के बाद सड़क की भराई पर सवाल
सीवर लाइन डालने के लिए शहर की सड़कों की खुदाई की गई थी। पाइपलाइन डालने के बाद कई स्थानों पर सड़क की मरम्मत भी कर दी गई। इसके बावजूद बार-बार जमीन धंसने की घटनाएं यह सवाल खड़ा कर रही हैं कि खुदाई के बाद मिट्टी की भराई और सड़क निर्माण के दौरान उसे पर्याप्त दबाव देकर मजबूत किया गया था या नहीं।
सड़क का कोई हिस्सा अचानक धंसना केवल आवागमन में बाधा का मामला नहीं है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसी जगह पर संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। रात के समय गड्ढा दिखाई न देने पर दुर्घटना की आशंका और बढ़ सकती है। भारी वाहनों के गुजरने पर स्थिति और गंभीर होने की संभावना रहती है।
एक घटना नहीं, लगातार सामने आ रही समस्या
शहर में सीवर कार्य से जुड़ी सड़क धंसने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। किसी स्थान पर सड़क के बीचोंबीच गड्ढा बन जाता है तो कहीं किनारे की जमीन बैठ जाती है। कई बार आसपास के लोग तत्काल मौके पर अवरोधक लगाकर राहगीरों को सचेत करते हैं।
मानिक चौक-सिपाह मार्ग की ताजा घटना भी इसी समस्या की ओर ध्यान खींच रही है। फिलहाल यहां किसी दुर्घटना की सूचना नहीं है, लेकिन सड़क धंसने का स्थान राहगीरों के लिए संभावित खतरे का संकेत जरूर है।
मरम्मत से आगे स्थायी समाधान की जरूरत
बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं के बीच केवल ऊपर से गड्ढा भरकर सड़क की मरम्मत करना पर्याप्त होगा या नहीं, यह भी सवाल है। यदि जमीन के नीचे सीवर लाइन के आसपास की भराई कमजोर है तो ऊपर से की गई मरम्मत दोबारा प्रभावित हो सकती है।
शहरवासियों का कहना है कि सड़क धंसने वाले स्थानों की जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि जमीन बैठने की वजह क्या है। साथ ही सीवर लाइन के आसपास की भराई, सड़क की ऊपरी परत और जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
फिलहाल अचानक धंसती सड़कें शहर की सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रही हैं। ऐसे स्थानों की समय रहते पहचान और मरम्मत होने से राहगीरों तथा वाहन चालकों के लिए संभावित दुर्घटना के खतरे को कम किया जा सकता है।


