जौनपुर। लंबे समय से जर्जर स्थिति में पड़े रोडवेज डिपो के व्यापक जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने डिपो के विकास के लिए करीब 53 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान कर दी है। बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
वर्तमान में डिपो का भवन, यात्री सुविधाएं और आधारभूत संरचनाएं काफी जर्जर हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों और कर्मचारियों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रतिदिन यहां से लगभग 22 बसों का संचालन होता है और बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा डिपो
प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत लगभग 12899 वर्ग फीट क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इसमें यात्री प्रतीक्षालय, प्रशासनिक भवन, बस पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी।
परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और रोडवेज डिपो की कार्यक्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
बारिश के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
डिपो इंचार्ज शशि शुक्ला ने बताया कि शासन से परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और 53 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मानसून समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
1989 में हुई थी डिपो की स्थापना
गौरतलब है कि बादशाहपुर (जौनपुर) रोडवेज डिपो की स्थापना वर्ष 1989 में हुई थी। शुरुआत में यहां 16 बसों का संचालन होता था, जो बाद में बढ़कर 39 तक पहुंच गया। हालांकि समय के साथ पुरानी बसों के नीलाम होने और नई बसों की कमी के कारण बसों की संख्या में गिरावट आई।
स्थानीय लोगों का मानना है कि डिपो के आधुनिकीकरण से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि परिवहन व्यवस्था भी अधिक प्रभावी और सुगम होगी।

