पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एनएसएस स्थापना दिवस पर युवा संवेदनी कार्यशाला, नशे से बचाव के साथ सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के अवसर पर ‘नशामुक्त युवा-विकसित भारत’ अभियान के तहत युवाओं में शराब के दुष्प्रभाव, जागरूकता और संरक्षण विषय पर युवा संवेदनी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन कंज्यूमर वॉयस, नई दिल्ली और कंज्यूमर गिल्ड, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा राष्ट्र की महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने कहा कि नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से युवाओं को बचाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर प्रयास करना होगा।
नशे से दूर रहने के साथ सकारात्मक विकल्प जरूरी
मुख्य वक्ता कंज्यूमर गिल्ड, लखनऊ के अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि युवाओं को किसी वस्तु या आदत को अपनाने से पहले उसके प्रभाव और परिणाम को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहने के संदेश के साथ युवाओं को खेल, योग, अध्ययन, नवाचार, सामाजिक सेवा और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी जरूरी है।
सुश्री नीलजना बोस ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से युवाओं पर साथियों के दबाव और सामाजिक वातावरण के प्रभाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शराब को आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा मानने जैसी धारणाओं पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि युवा पढ़ाई, करियर, प्रतिस्पर्धा, सामाजिक अपेक्षाओं और साथियों के प्रभाव जैसे कई दबावों से गुजरते हैं। ऐसे में उन्हें केवल उपदेश देने के बजाय सही जानकारी, मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
नुक्कड़ नाटक और गीतों से दिया नशामुक्ति का संदेश
एनएसएस स्थापना दिवस के अवसर पर स्वयंसेवकों निशांत और अंजली की टीम ने ‘नशामुक्त युवा-विकसित भारत’ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। रिया गुप्ता, आस्था सोनी, अंतिम विश्वकर्मा, अंजली चौहान और संध्या बिंद ने नशामुक्ति पर गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने अतिथियों का स्वागत एवं परिचय कराया। संचालन अभिनव कीर्ति पांडेय और ओम प्रकाश मिश्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सुमित सिंह ने किया।
इस अवसर पर डॉ. श्याम कन्हैया, डॉ. अनुराग मिश्र, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. राधिका उर्मिलिया, डॉ. विवेक, डॉ. रिचा सिंह, अर्पिता यादव, शिवांगी कौशल, आर्ची वर्मा और बृजेश सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।


