सीईआईआर पोर्टल के जरिए अलग-अलग जिलों और राज्यों से बरामद किए फोन, अब तक 2,239 मोबाइल मिलने का दावा
जौनपुर। साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल और जिले के विभिन्न थानों की साइबर सेल टीमों ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 201 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये है। बरामद किए गए मोबाइल उनके संबंधित स्वामियों को सौंप दिए गए।
पुलिस के मुताबिक, गुम मोबाइल के संबंध में थानों में दर्ज शिकायतों और सीईआईआर पोर्टल पर उपलब्ध विवरण के आधार पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान जौनपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा प्रदेश के कई जिलों और अन्य राज्यों से भी मोबाइल बरामद किए गए।
कई जिलों और राज्यों से मिले मोबाइल
पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही समेत विभिन्न जिलों से मिले। इसके अलावा दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान से भी मोबाइल बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
बरामद फोन में वनप्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया, एप्पल और सैमसंग समेत विभिन्न कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं।
अब तक 2,239 मोबाइल बरामद करने का दावा
पुलिस के अनुसार मौजूदा अभियान में बरामद 201 मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 45 लाख रुपये है। पुलिस ने बताया कि अब तक कुल 2,239 गुम मोबाइल बरामद कर उनके स्वामियों को सौंपे जा चुके हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 4.35 करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना से 16, खुटहन से 21, कोतवाली से 17 और मड़ियाहूं से 15 मोबाइल बरामद किए गए। बदलापुर और शाहगंज से 14-14 तथा बक्शा से 12 मोबाइल बरामद किए गए। अन्य थाना क्षेत्रों से भी मोबाइल बरामद किए गए हैं।
मोबाइल गुम होने पर सीईआईआर पोर्टल पर करें शिकायत
सहायक पुलिस अधीक्षक नगर गोल्डी गुप्ता ने लोगों से मोबाइल गुम होने पर पहले संबंधित थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने और इसके बाद सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत करने की सलाह दी। साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने अथवा साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।
पुलिस ने लोगों को संदिग्ध संदेशों, अज्ञात लिंक और क्यूआर कोड पर क्लिक या स्कैन करने से बचने की सलाह दी। साथ ही किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस एप इंस्टॉल नहीं करने की अपील की गई।
मोबाइल वापस मिलने के बाद संबंधित स्वामियों ने पुलिस के प्रति आभार जताया।


