‘विकसित भारत की संकल्पना’ और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विद्यार्थियों ने रखे विचार
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में मंगलवार को भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 53 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में ‘विकसित भारत की संकल्पना’ और ‘सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं’ विषय निर्धारित किए गए थे।
कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित हुआ। इसका उद्घाटन छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार यादव और राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने संयुक्त रूप से किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने राष्ट्र निर्माण, युवाओं की भूमिका, नागरिक जिम्मेदारियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। प्रतिभागियों के भाषण का मूल्यांकन विषय-वस्तु, प्रस्तुतीकरण, तार्किकता, भाषा और अभिव्यक्ति के आधार पर किया गया।
निर्णायक मंडल ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. विशाल यादव और डॉ. अजय मौर्य शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के भाषणों का निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया।
प्रतियोगिता में अभिनव कीर्ति पांडेय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वैष्णवी त्रिपाठी दूसरे और मनीष जायसवाल तीसरे स्थान पर रहे।
विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को सार्वजनिक मंच पर अपने विचार प्रस्तुत करने और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।


