- शिक्षको ने कुलपति परीक्षा नियंत्रक को दिया ज्ञापन
- मांगे ना माने जाने पर मूल्यांकन के बहिष्कार की धमकी
- शीतकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग
जौनपुर धारा, जौनपुर। वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक एशोसियेशन के शिक्षक नेताओं ने कुलपति व परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन दिया। प्रैक्टिकल एवं मौखिक परीक्षाओं में भेदभाव का आरोप लगाया। मांगे ना माने जाने पर मूल्यांकन की बहिष्कार की धमकी दिए। बता दें कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक एशोसियेशन के अध्यक्ष डॉ.प्रभाकर सिंह, महामंत्री डॉ.निलेश कुमार सिंह नीलू, पदाधिकारियो के साथ पूर्वांचल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक डॉ.विनोद कुमार सिंह से मिले और कहां की सेमेस्टर परीक्षा 2024-25 की प्रायोगिक एवं मौखिकी परीक्षा में अनुदानित महाविद्यालय के शिक्षकों का नियुक्त किया गया है जो कभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने नहीं आते हैं और अधिकांश सेवानिवृत हो गए हैं। इसके बावजूद केवल प्रायोगिक मौखिक परीक्षक के रूप में क्यों नामित किए जाते हैं जो गलत है। उन्होंने कहा कि अधिसंख्य स्ववित्तपोषित शिक्षक लोग मूल्यांकन भी करते हैं। इसके बावजूद उन्हें मौखिकी प्रायोगिक परीक्षा के रूप में नामित नहीं किया जाता है। इस तरह का भेदभाव शिक्षकों में आक्रोश पैदा करता है। यह विसंगति को दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल मौखिक परीक्षा में परीक्षक नामित को लेकर मनमानी किया जा रहा है। अगर स्ववितपोषित शिक्षकों को प्रायोगिक मोखकी परीक्षा में नामित नहीं किया गया तो इसके विरोध में शिक्षक संघ शिक्षकों के साथ मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेगा। शिक्षकों ने कुलपति को इस संबंध में ज्ञापन देकर प्रायोगिक मौखिक परीक्षा में स्ववितपोषित शिक्षकों को परीक्षक नामित करने की मांग की है। इसके साथ 4 जनवरी 2025 से लेकर 10 जनवरी 2025 तक की शीतकालीन अवकाश घोषित किया गया है। उन्होंने मांग की रविवार को भी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं संचालित की जा रही है।ऐसे में यदि शीतकालीन अवकाश 4 जनवरी से लेकर 16जनवरी तक किया जाना चाहिए, जो उचित होगा। इस अवसर पर डॉ.अमित कुमार सिंह, डॉ.अरविन्द कुमार यादव, डॉ.संजीव कुमार सिंह, डॉ.संजय कुमार यादव, डॉ.आशा सिंह, डॉ.किरण मौर्य, डॉ.सलीम खान मौजूद रहें।



