जौनपुर। ट्रस्ट के माध्यम से संचालित कुछ निजी अस्पतालों पर अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ‘नो-प्रॉफिट नो-लॉस’ सिद्धांत पर पंजीकृत ट्रस्टों के नाम पर ये संस्थान भारी शुल्क वसूल कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ ट्रस्ट संचालक सेवा के नाम पर अस्पतालों का संचालन करते हुए मरीजों से मनमाना शुल्क वसूल रहे हैं। ओपीडी और अन्य सेवाओं के शुल्क में पारदर्शिता की कमी बताई जा रही है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
यह भी आरोप है कि ट्रस्ट के तहत अर्जित आय का उपयोग सामाजिक कार्यों के बजाय निजी संपत्तियों के विस्तार में किया जा रहा है। अस्पतालों के साथ-साथ विद्यालय, हॉस्टल और अन्य संस्थानों के तेजी से विस्तार पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
इस मामले में संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। वहीं, प्रशासन से मांग की जा रही है कि ट्रस्ट के नाम पर संचालित संस्थानों की आय-व्यय और कार्यप्रणाली की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



