जौनपुर। जिले में आयोजित होने वाले विभिन्न मेलों की व्यवस्थाओं को लेकर इन दिनों गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि कई स्थानों पर आयोजित मेलों में सुरक्षा मानकों के पूर्ण पालन को लेकर आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। साथ ही टिकट, पार्किंग और स्टॉल आवंटन जैसी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठी चिंताएं
स्थानीय नागरिकों के अनुसार मेलों में बड़ी संख्या में परिवार और बच्चे पहुंचते हैं, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। वहीं अस्थायी विद्युत कनेक्शन और वायरिंग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने चिंता व्यक्त की है।
स्टॉल आवंटन और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर मेला प्रबंधन से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि स्टॉल आवंटन और शुल्क वसूली की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाए जाने की आवश्यकता है। कुछ व्यापारियों का दावा है कि भुगतान और रसीद व्यवस्था को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती। ऐसे में राजस्व नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
आपदा प्रबंधन व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
नागरिकों का कहना है कि मेला परिसर में आपातकालीन निकास मार्ग, भीड़ नियंत्रण, प्राथमिक उपचार तथा अग्निशमन वाहनों के आवागमन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। विशेषज्ञों का भी मानना है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
संयुक्त निरीक्षण की मांग
जिले के कई नागरिकों ने जिला प्रशासन, वाणिज्य कर विभाग और अग्निशमन विभाग से संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी व्यवस्थाएं नियमों के अनुरूप हैं तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए और यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि इस मुद्दे को लेकर जनचर्चा तेज हो गई है। नागरिकों का कहना है कि मनोरंजन और सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना होना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे प्रमुख सवाल
- क्या सभी मेलों के पास वैध फायर एनओसी (Fire NOC) है?
- क्या अग्निशमन यंत्रों की नियमित जांच और रखरखाव किया गया है?
- क्या अस्थायी विद्युत वायरिंग सुरक्षा मानकों के अनुरूप है?
- क्या आपातकालीन निकास मार्ग पूरी तरह खुले और चिन्हित हैं?
- क्या भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है?
- क्या स्टॉल आवंटन और शुल्क वसूली की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है?
- क्या टिकट, पार्किंग और अन्य शुल्कों का लेखा-जोखा नियमानुसार रखा जा रहा है?


